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Magh Purnima 2021 : आज माघ पूर्णिमा पर संगम से लेकर हरिद्वार तक श्रद्धालुओं का रेला, जानें नदियों में स्‍नान का महत्‍व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने से परम सौभाग्‍य की प्राप्‍ति होती है. माघ पूर्णिमा को बत्तीसी पूर्णिमा भी कहते हैं, क्‍योंकि इस दिन दान-पुण्‍य करने से 32 गुना लाभ प्राप्‍त होता है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 27 Feb 2021, 10:44:39 AM
Maagh Purnima

आज माघ पूर्णिमा पर संगम से लेकर हरिद्वार तक श्रद्धालुओं का रेला. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

प्रयागराज:

Magh Purnima 2021: आज 27 फरवरी 2021 (शनिवार) को देशभर में माघ पूर्णिमा मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने से परम सौभाग्‍य की प्राप्‍ति होती है. माघ पूर्णिमा को बत्तीसी पूर्णिमा भी कहते हैं, क्‍योंकि इस दिन दान-पुण्‍य करने से 32 गुना लाभ प्राप्‍त होता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु का व्रत रखते हैं और विधि-विधान से उनकी पूजा भी करते हैं. माघ पूर्णिमा को भगवान विष्णु और चंद्रदेव को समर्पित माना जाता है. आज के दिन गंगा स्नान से पूरे माघ मास का पुण्य फल मिलता है. आज हरिद्वार में के दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. आज चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में होता है लिहाजा विशेष फल की प्राप्ति की कामना होती है.

चंद्रमा को अर्घ्य और मां लक्ष्मी की पूजा
मान्‍यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन किसी पात्र में कच्चा दूध लेकर शक्‍कर और चावल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से धन संबंधी परेशानी दूर होती है. इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें और पूजा स्थान पर 11 कौड़ियां रखकर उनपर हल्दी से तिलक करें. अगली सुबह इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने वाली जगह पर रख दें. माना जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. दूसरी ओर, वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए माघ पूर्णिमा का व्रत रखें और चंद्रोदय के बाद पति-पत्नी मिलकर गाय के दूध से चंद्रमा को अर्घ्य दें. ऐसा करने से दांपत्य जीवन सुखमय रहता है.

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माघ पूर्णिमा का महत्व
माघ पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर नदियों में स्‍नान करना शुभ माना जाता है. साथ ही पूर्णिमा पर दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है. माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. माघ पूर्णिमा के दिन ही कल्‍पवास संपन्‍न होता है. हिन्दू धर्म की मान्‍यता के अनुसार, कल्पवास में लोग पूरे एक महीने तक संगम के किनारे व्रत और संयम के साथ रहकर रोज संगम में स्नान करते हैं. यह भी माना जाता है कि माघ पूर्णिमा के मौके पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं. इसलिए इस दिन गंगाजल में स्नान करने या आचमन करने से व्यक्ति को पुण्यफल की प्राप्ति होती है.

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माघ पूर्णिमा पर हरिद्वार में की गई है खास तैयारी
माघ पूर्णिमा पर आज शनिवार को हरिद्वार में स्नान को लेकर खास तैयारी की गई है. हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की जिले के बॉर्डर और हरकी पैड़ी पर कोरोना की रैंडम जांच की जाएगी. शुक्रवार दोपहर बाद शहर में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है. भीड़ को देखते हुए नया ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है. इससे पहले जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से RTPCR टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट लाने को भी कहा था.

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First Published : 27 Feb 2021, 10:44:39 AM

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