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Chanakya Niti: किसी व्यक्ति को परखने के लिए अपनाएं आचार्य चाणक्य के बताए ये चार तरीके

Chanakya Niti: चाणक्य का कहना है कि किसी की अच्छाई देखनी हो तो उस व्यक्ति से सलाह लेनी चाहिए और किसी व्यक्ति के गुण देखने हो तो उस व्यक्ति के साथ भोजन करना चाहिए.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 22 Mar 2021, 12:44:34 PM
Chanakya Niti (चाणक्य नीति)

Chanakya Niti (चाणक्य नीति) (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • किसी व्यक्ति की आदत देखना हो तो उस व्यक्ति को सम्मान देना चाहिए 
  • किसी व्यक्ति की नीयत देखनी हो तो उस व्यक्ति को कर्ज देना चाहिए

नई दिल्ली:

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की नीतियों को बहुत से लोग काफी कठोर मानते हैं लेकिन अगर देखा जाए तो जीवन की सच्चाई यही है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आचार्य चाणक्य की बातों को कोई व्यक्ति भले ही नज़रअंदाज कर दे लेकिन जीवन की हर कसौटी पर यह आपकी काफी मदद करते हैं. चाणक्य का कहना है कि किसी की अच्छाई देखनी हो तो उस व्यक्ति से सलाह लेनी चाहिए और किसी व्यक्ति के गुण देखने हो तो उस व्यक्ति के साथ भोजन करना चाहिए. वहीं किसी व्यक्ति की आदत देखना हो तो उस व्यक्ति को सम्मान देना चाहिए और अगर किसी व्यक्ति की नीयत देखनी हो तो उस व्यक्ति को कर्ज देना चाहिए. चाणक्य ने अपनी नीतियों में मनुष्य को किन बातों को परखना चाहिए इसके बारे में विस्तार से चर्चा की है.

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आचार्य चाणक्य का कहना है कि मनुष्य को चार चीजों के आधार पर परखना चाहिए. पहला किसी से सलाह लेना, दूसरा किसी के साथ भोजन, तीसरा सम्मान देना और चौथा किसी को कर्ज देना शामिल हैं. चाणक्य का कहना है कि असली जिंदगी में किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा करना काफी मुश्किल काम है. हालांकि कई लोग ऐसा करते हैं लेकिन भरोसा ऐसी चीज है जिसे कमाने में व्यक्ति को कई साल का समय लग जाता है और उसे टूटने में एक पल ही लगता है. चाणक्य का कहना है कि किसी इंसान की अच्छाई देखने के लिए उस व्यक्ति से सलाह लेनी चाहिए. दरअसल उनका मानना है कि इंसान कई बार सामने वाले व्यक्ति को भी वही सलाह देता है जिसपर वह खुद अमल करता है. वहीं कई बार ऐसा भी होता है कि सामने वाले व्यक्ति को ऐसी सलाह भी दे दी जाती है जो कि व्यवहारिक तौर पर सही नहीं होती है.

उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के गुणों को जानने के लिए उसके साथ खाना खाना चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि खाना खाते समय इंसान को कई मायनों में जज कर सकते हैं. चाणक्य कहते हैं कि अगर उस व्यक्ति ने खुद खाना बनाया है तो खाने का स्वाद कैसा है, परोसने का तरीका और कैसे खाया जा रहा है इसके जरिए व्यक्ति को आचरण को समझा जा सकता है. चाणक्य का कहना है कि किसी व्यक्ति के आदतों को देखने के लिए उसे सम्मान देना चाहिए. उनका कहना है कि ऐसा करने से सामने वाले व्यक्ति की हकीकत सामने आ जाएगी. उनका कहना है कि कुछ लोग ज्यादा सम्मान को संभाल नहीं पाते हैं वहीं कुछ लोग पहले के जैसे ही आचरण करते रहते हैं.

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आचार्य चाणक्य का कहना है कि किसी मनुष्य की नीयत को परखने के लिए उस व्यक्ति को कर्ज देना चाहिए. उनका कहना है कि कई बार व्यक्ति कर्ज तो ले लेता है लेकिन समय पर उसे वापस नहीं लौटाता है, वहीं कई लोग तो कर्ज लेकर भूल ही जाते हैं. यही वजह है कि चाणक्य कहते हैं कि किसी इंसान को परखने के लिए इन चार चीजों को अपने ध्यान में रखना चाहिए.

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First Published : 22 Mar 2021, 12:09:37 PM

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