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Chanakya Niti: देखते ही देखते कंगाल हो जाते हैं ऐसे घर के लोग, चाणक्य से जानें कैसे

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतिशास्त्र में ऐसे घरों के बारे में बताया है जिनके लोग देखते ही देखते कंगाल हो जाते हैं.

Updated on: 06 Apr 2024, 01:54 PM

नई दिल्ली :

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतिशास्त्र में ऐसे घरों के बारे में बताया है जिनके लोग देखते ही देखते कंगाल हो जाते हैं. चाणक्य के अनुसार ऐसे कौन से घर होते हैं जहां कंगाली छा जाती है ये जानेंगे.चाणक्य के अनुसार घर एक व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. वे घर को एक सुरक्षित और स्थिर स्थान मानते थे जो उसकी परिवार की संपत्ति और सुख-शांति की रक्षा करता है. उनके अनुसार, एक सुखी जीवन का मूल आधार उसके घर की स्थिति पर निर्भर करता है. चाणक्य घर को धन, सुख, और स्थिरता का प्रतीक मानते थे और उन्हें उसके धार्मिक, सामाजिक, और आर्थिक दृष्टिकोण से संरक्षित रखने का समर्थन करते थे. उन्होंने घर के संरचना, उसके सुरक्षा के उपाय, और परिवार के आत्महत्या की रक्षा के लिए कई सूत्र दिए हैं. उनके शिक्षाओं के अनुसार, एक धार्मिक और नैतिक वातावरण वाला स्थान जैसे कि घर, समाज का स्तंभ होता है जो समृद्धि और खुशहाली की ओर प्रगति करता है.

अज्ञानी लोगों का घर 

जहां अज्ञानी लोगों का सम्मान होता है और उनका ज्ञानियों से अधिक महत्व होता है, वहाँ धन नहीं टिकता. अज्ञानी लोग गलत निर्णय लेते हैं और गलत कार्यों में धन का अपव्यय करते हैं.

कलहपूर्ण घर

जिस घर में सदस्यों के बीच कलह और झगड़े होते रहते हैं, वहाँ मां लक्ष्मी निवास नहीं करती. कलहपूर्ण माहौल घर में नकारात्मकता लाता है और धन का नाश होता है.

गंदा घर

गंदगी और अव्यवस्था का बोलबाला होता है, वहाँ भी मां लक्ष्मी का वास नहीं होता. गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है और घर की समृद्धि को नष्ट करती है.

आलसी लोगों का घर

लोग आलसी होते हैं और काम करने से जी चुराते हैं, वहाँ भी धन नहीं टिकता. आलस्य कर्मठता को नष्ट करता है और धन की कमी को जन्म देता है.

अविश्वासी लोगों का घर

ऐसा घर जिसमें लोग एक दूसरे पर विश्वास नहीं करते, वहाँ भी धन नहीं टिकता. अविश्वास घर में कलह और झगड़े का कारण बनता है और धन का नाश होता है.

इनके अलावा, चाणक्य ने कुछ अन्य आदतों को भी बताया है जो लोगों को कंगाल बना सकती हैं जैसे अनावश्यक खर्च, कर्ज लेना, जुआ खेलना, दूसरों को धोखा देना और बुराइयां करना. इन आदतों से बचकर और चाणक्य की नीतिशास्त्र का पालन करके आप धन और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं. कड़ी मेहनत करें और अपनी आय बढ़ाने के तरीके खोजें. अपने खर्चों को कम करें और बजट बनाकर खर्च करें. बचत करें और निवेश करें. दान करें और दूसरों की मदद करें. धनवान बनने के लिए केवल कड़ी मेहनत ही नहीं, बल्कि बुद्धिमानी और सही निर्णय लेना भी आवश्यक है. चाणक्य की नीतिशास्त्र आपको धनवान बनने और जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकती है.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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