News Nation Logo
उत्तराखंड : बारिश के दौरान चारधाम यात्रा बड़ी चुनौती बनी, संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF तैनात आंधी-बारिश को लेकर मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया राजस्थान : 11 जिलों में आज आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, ओला गिरने की भी आशंका बिहार : पूर्णिया में त्रिपुरा से जम्मू जा रहा पाइप लदा ट्रक पलटने से 8 मजदूरों की मौत, 8 घायल पर्यटन बढ़ाने के लिए यूपी सरकार की नई पहल, आगरा मथुरा के बीच हेली टैक्सी सेवा जल्द महाराष्ट्र के पंढरपुर-मोहोल रोड पर भीषण सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत- 3 की हालत गंभीर बारिश के कारण रोकी गई केदारनाथ धाम की यात्रा, जिला प्रशासन के सख्त निर्देश आंधी-बारिश के कारण दिल्ली एयरपोर्ट से 19 फ्लाइट्स डाइवर्ट
Banner

Abhinandan Nath Bhagwan Aarti: अभिनंदननाथ भगवान की रोजाना करें ये आरती, पापों से मिल जाएगी मुक्ति

भगवान अभिनंदननाथ जी (abhinandan nath bhagwan) जैन धर्म के चौथे तीर्थंकर हैं. उनकी आरती में सभी पापों को दूर करने की क्षमता है. माना जाता है कि अभिनंदननाथ भगवान की आरती (abhinandan nath bhagwan aarti) जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति दिलाते हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Megha Jain | Updated on: 05 May 2022, 10:24:10 AM
Abhinandan Nath Bhagwan Aarti

Abhinandan Nath Bhagwan Aarti (Photo Credit: social media)

नई दिल्ली:  

भगवान अभिनंदननाथ जी (abhinandan nath bhagwan) जैन धर्म के चौथे तीर्थंकर हैं. इनके पिता का नाम संवर और माता का नाम सिद्धार्था देवी था. प्रभु अभिनंदननाथ जी का जन्म मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी को अयोध्या में हुआ था. प्रभु की देह का रंग सुनहरा तथा प्रभु का प्रतीक चिह्न बंदर था. जो लोग उनकी आरती (abhinandan nath ji 4th trithankar aarti) को रोजाना श्रद्धा से पढ़ते और गाते हैं, उनके सारे कष्ट अपने आप ही दूर हो जाते हैं. उनकी आरती में सभी पापों को दूर करने की क्षमता है. माना जाता है कि अभिनंदननाथ भगवान की आरती (abhinandan nath bhagwan aarti) जन्म-मृत्यु के चक्र से भी मुक्ति दिलाने में सक्षम है. 

यह भी पढ़े : Lord Vishnu Mantra Jaap: आज विष्णु जी के इन मंत्रों का करेंगे जाप, दुख होंगे दूर और आशीर्वाद होगा प्राप्त

अभिनंदननाथ भगवान की आरती (abhinandan nath ji aarti) 

अभिनंदन प्रभू जी की आज, हम सब आरति करें।

बड़ा सांचा प्रभू का दरबार, सब मिल आरति करें।।टेक.।।

राजा स्वयंवर के घर जब थे जन्में,

इन्द्रगण आ मेरू पे अभिषेक करते,

नगरी अयोध्या में खुशियां अपार, प्रजाजन उत्सव करें,

अभिनंदन प्रभू जी की ......।।1।।

माघ सुदी बारस की तिथि बनी न्यारी,

प्रभुवर ने उग्र वन में दीक्षा थी धारी,

त्रैलोक्य पूज्य प्रभुवर की आज, सब मिल आरति करें,

अभिनंदन.............।।2।।

पौष सुदी चौदस में केवल रवि प्रगटा,

प्रभु की दिव्यध्वनि सुनकर जग सारा हर्षा,

केवलज्ञानी प्रभुवर की आज, सब मिल आरति करें,

अभिनंदन.............।।3।।

शाश्वत निर्वाणथली सम्मेद गिरि है,

वहीं पे प्रभू ने मुक्तिकन्या वरी है,

मुक्तिरमापति प्रभू की आज, सब मिल आरति करें,

अभिनंदन.............।।4।।

प्रभु तेरे द्वारे हम आरति को आए,

आरति के द्वारा भव आरत मिटाएं,

मिले शिवमार्ग, सब मिल आरति करें

अभिनंदन............।।5।।

First Published : 05 May 2022, 10:23:51 AM

For all the Latest Religion News, Aarti News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.