News Nation Logo

गरीबी और अशिक्षा बना काल, दुनिया में रोज 60 बालिका वधु गंवा रहीं जान 

बाल विवाह के कारण दुनिया में रोजाना 60 बेटियां मौत की शिकार होती हैं। इसमें से छह दक्षिण एशिया से हैं. सालाना 22 हजार बाल वधुओं की कम उम्र में गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान मौत होती है

Devbrat Tiwari | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 13 Oct 2021, 06:20:13 PM
New

Poverty and illiteracy (Photo Credit: सांकेतिक तस्वीर)

नई दिल्ली:

बाल विवाह के कारण दुनिया में रोजाना 60 बेटियां मौत की शिकार होती हैं। इसमें से छह दक्षिण एशिया से हैं. सालाना 22 हजार बाल वधुओं की कम उम्र में गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान मौत होती है. यह खुलासा 'सेव द चिल्ड्रन इंटरनेशनल' रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी एशिया व प्रशांत महासागर क्षेत्र में प्रतिवर्ष 650 और लैटिन अमरीकी-कैरेबियाई देशों में सालाना 560 बाल वधुओं की असमय मौत होती है. दुनिया में सबसे अधिक मौत पश्चिम और मध्य अफ्रीकी देशों में होती है. वहां करीब 9,600 बेटियों की हर साल मौत हो जाती है.

यह खबर भी पढ़ें- कोयला संकट के चलते इस राज्य में मंडराया बिजली संकट, सैकड़ों गावों में पसरा अंधेरा

  • तीन में से एक बालिका वधू भारत में
  • 05 देश बांग्लादेश, ब्राजील, इथियोपिया भारत व नाइजीरिया में 50 फीसदी से ज्यादा संख्या
  • 15 से 19 वर्ष की लड़कियों में डिलीवरी के दौरान सबसे ज्यादा मौतें होतीं
  • 65 करोड़ लड़कियों का विवाह बचपन में हुआ दुनिया में अब तक
  • 03 में से एक बालिका वधू भारत में, दुनिया की कुल संख्या में
  • गर्भावस्था व प्रसव के दौरान हर साल 22,000 बालिका वधू की मौत 
  • 2030 में एक करोड़ बाल विवाह की आशंका

यह खबर भी पढ़ें- आर्यन खान की जमानत फिर अटका सवाल? कोर्ट में वकील के तीखे सवाल

गरीबी, बेरोजगारी व अशिक्षा प्रमुख वजह

रिपोर्ट के अनुसार, 25 साल में आठ करोड़ बाल विवाह रोके गए हैं। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की मुश्किलें,
बेरोजगारी और गरीबी बढ़ने से घरेलू हिंसा बढ़ी है। इससे लड़कियों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है। इससे बाल विवाह के मामले बढ़ गए।

First Published : 13 Oct 2021, 06:15:49 PM

For all the Latest Opinion News, Opinion News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.