सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा पेंगुइन वाला ये वीडियो; ट्रंप ने भी किया शेयर, लेकिन क्या है इसकी सच्चाई? जानिए

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पेंगुइन का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसपर जमकर मीम बन रहे हैं. मीम तो छोड़िए यह वीडियो अब व्हाइट हाउस भी पहुंच चुका है. व्हाइट हाउस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर ट्रंप की फोटो लगाते हुए इसे पोस्ट किया है.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पेंगुइन का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसपर जमकर मीम बन रहे हैं. मीम तो छोड़िए यह वीडियो अब व्हाइट हाउस भी पहुंच चुका है. व्हाइट हाउस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर ट्रंप की फोटो लगाते हुए इसे पोस्ट किया है.

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Deepak Kumar
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सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होते रहते हैं. इन दिनों एक पेंगुइन का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने पलक झपकते जेन जी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इसपर जमकर मीम बन रहे हैं. मीम तो छोड़िए यह वीडियो अब व्हाइट हाउस भी पहुंच चुका है. व्हाइट हाउस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर ट्रंप की फोटो लगाते हुए इसे पोस्ट किया है. तो चलिए इस वायरल वीडियो के बैग्राउंड यानी कि ये कहां से आया और अब क्यों ट्रेंड कर रहा है? इसकी बात करते हैं.

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वीडियो में क्या था?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक अकेला पेंगुइन अपने समूह से दूर बर्फीली पहाड़ियों की ओर चलता दिखाई देता है. इंटरनेट यूजर्स इसे ‘निहिलिस्ट पेंगुइन’ कह रहे हैं और इसे जीवन, अकेलेपन और विद्रोह से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे भावनात्मक नहीं, बल्कि प्राकृतिक कारण हैं.

2007 की डॉक्यूमेंट्री का है ये क्लिप

यह वीडियो साल 2007 की डॉक्यूमेंट्री ‘एनकाउंटर्स एट द एंड ऑफ द वर्ल्ड’ से लिया गया है, जिसे मशहूर फिल्ममेकर वेर्नर हर्जोग ने बनाया था. इसमें एडेली प्रजाति का एक पेंगुइन अपने समुद्र किनारे बसे कॉलोनी से अलग होकर करीब 70 किलोमीटर अंदर बंजर पहाड़ियों की ओर जाता दिखता है. आमतौर पर पेंगुइन समुद्र के आसपास ही रहते हैं, इसलिए यह व्यवहार असामान्य माना जाता है.

अब क्यों वायरल हुआ ये वीडियो

वीडियो वायरल इसलिए हुआ क्योंकि सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पेंगुइन को इंसानी भावनाओं से जोड़ दिया. कोई इसे आजादी की तलाश बताता है तो कोई इसे व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक मान रहा है. कई मीम्स में लिखा गया कि पेंगुइन “अपने उद्देश्य की खोज” में निकला है. लेकिन ये सब व्याख्याएं इंसानी सोच पर आधारित हैं.

इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिकों के मुताबिक, एडेली पेंगुइन सामान्य तौर पर अपने भोजन और प्रजनन क्षेत्र के पास ही रहते हैं. कभी-कभी कोई पेंगुइन भटक सकता है, लेकिन इतनी दूर पहाड़ों की ओर जाना बहुत दुर्लभ है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. जैसे दिशा भटक जाना, बीमारी या चोट के कारण असामान्य व्यवहार, या फिर युवा पेंगुइनों में नई जगह देखने की प्रवृत्ति.

वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. ऐनली का कहना है कि पेंगुइन जानबूझकर ऐसा नहीं करते. वे कहते हैं कि जानवर कभी-कभी भ्रमित हो सकते हैं और उनका असामान्य व्यवहार किसी मानसिक उद्देश्य का संकेत नहीं होता. यह अक्सर तनाव, पर्यावरण या व्यक्तिगत अंतर के कारण होता है. वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो एक अकेले पेंगुइन का भटकना किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है. यह पूरी प्रजाति के लिए खतरे की बात नहीं है. सोशल मीडिया ने इसे एक प्रतीक बना दिया है, जबकि विज्ञान इसे एक अलग और रोचक घटना मानता है.

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