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Don Glickman
अमेरिका के एक कॉलेज प्रोफेसर ने मौत के बाद भी लोगों को मुस्कुराने का मौका दिया. उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले ही एक खास योजना बना ली थी. इस योजना के तहत उनकी बेटी ने उनके निधन के बाद 100 से ज्यादा लोगों को पोस्टकार्ड भेजे. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं आखिर क्या है इस मजेदार किस्से की पूरी कहानी. .
कौन थे डॉन ग्लिकमैन?
डॉन ग्लिकमैन पहले एक आर्किटेक्ट थे. बाद में उन्होंने University of Wisconsin-Milwaukee और University at Buffalo में पढ़ाया. पढ़ाना उनके जीवन का सबसे बड़ा जुनून था. नवंबर 2025 में congestive heart failure के कारण उनका 94 साल की उम्र में निधन हो गया.
पोस्टकार्ड ने सबको चौंकाया
पोस्टकार्ड में डॉन की एक तस्वीर थी. उन्होंने हुडी और पीले रंग का चश्मा पहना हुआ था. उस पर लिखा था अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो मैं मर चुका हूं और मैं आपको बहुत पसंद करता था. यह पोस्टकार्ड पाकर लोग हैरान भी हुई और खूब हंसे भी.
छात्रों के लिए थे बड़ी प्रेरणा
डॉन के पूर्व छात्र जेसन स्नैप ने बताया कि उनके प्रोफेसर ने उनके जीवन की दिशा बदल दी. आज जेसन खुद प्रोफेसर हैं. उन्होंने कहा कि डॉन की पढ़ाने की शैली सबसे अलग थी. वही उन्हें बेहतर शिक्षक बनने की प्रेरणा बनी.
बेटी ने निभाई आखिरी इच्छा
डॉन की बेटी लिया ग्लिकमैन ने बताया कि यह विचार उनके पिता को आखिरी दिनों में आया था. उस समय वे घर पर ही इलाज करा रहे थे. लिया ने उनके पसंदीदा छात्रों और दोस्तों के पते इकट्ठा किए. फिर हर किसी को पोस्टकार्ड भेजा.
हर पोस्टकार्ड के पीछे एक भावुक संदेश लिखा था. उसमें बताया गया कि डॉन के आखिरी दिन संगीत, पसंदीदा आइसक्रीम और अपनों के प्यार में बीते. यह सब भी डॉन की सोच और डिजाइन का ही हिस्सा था.
मौत को लेकर अलग सोच
ग्लिकमैन परिवार कभी मौत से डरता नहीं था. लिया का मानना है कि मौत को भी जीवन का एक सच मानकर स्वीकार करना चाहिए. उनका कहना है कि अगर अंत में फैसले लेने का मौका मिले, तो उसे अपने तरीके से जीना चाहिए.
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