Glaucoma Symptoms: न चश्मा, न धुंधलापन… फिर भी आंखों की रोशनी चुरा सकता है ग्लूकोमा, जानें शुरुआती संकेत

Glaucoma Symptoms: ग्लूकोमा आंखों की नसों से जुड़ी बीमारी है. इस बीमारी के बारे में लोगों को क्यों नहीं पता? क्या इसके लक्षण समझने मुश्किल होते हैं? आइए जानते हैं विस्तार से.

Glaucoma Symptoms: ग्लूकोमा आंखों की नसों से जुड़ी बीमारी है. इस बीमारी के बारे में लोगों को क्यों नहीं पता? क्या इसके लक्षण समझने मुश्किल होते हैं? आइए जानते हैं विस्तार से.

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Namrata Mohanty
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glaucoma symptoms Photograph: (sora)

Glaucoma Symptoms: ग्लूकोमा यानी काला मोतिया को लेकर लोगों में जानकारी की कमी है. बहुत से लोग मानते हैं कि यह बीमारी सिर्फ उन्हीं को होती है, जिनकी नजर कमजोर होती है या जो चश्मा पहनते हैं. वहीं, कई लोगों को लगता है कि अगर उन्हें चश्मा नहीं पहनना पड़ता तो उनकी नजर साफ है. मगर सच्चाई यह है कि ग्लूकोमा दुनिया भर में अंधापन होने की बड़ी वजहों में से एक है. इसे अक्सर 'साइलेंट डिजीज' माना जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में.

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कैसे होता है Glaucoma?

लोगों में एक सबसे आम गलतफहमी यह है कि अगर आपकी नजर साफ है तो ग्लूकोमा नहीं होगा. जबकि असल में ग्लूकोमा के शुरुआती और कई बार बीच के स्टेज में आंखों की साइड वाली नजर पहले प्रभावित होती है और सामने की नजर काफी समय तक ठीक रहती है. इसका मतलब यह है कि इंसान पढ़ सकता है, गाड़ी चला सकता है और मोबाइल/स्क्रीन भी आराम से देख सकता है, लेकिन अंदर ही अंदर उसकी ऑप्टिक नर्व डैमेज हो रही है. जब तक नजर में फर्क साफ नहीं दिखता है, तब तक नुकसान बढ़ जाता है.

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ग्लूकोमा होता क्यों है?

आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत चौधरी बताते हैं कि जब ऑप्टिक नर्व यानी आंखों की नसें धीरे-धीरे खराब होने लगती है तो इसका एक बड़ा कारण आंख के अंदर दबाव का बढ़ना होता है. हालांकि, कुछ लोगों में आंखों का दबाव नॉर्मल होने पर भी ग्लूकोमा हो जाता है, जिसे नॉर्मल-टेंशन Glaucoma कहते हैं. इसलिए, इसके लक्षणों को समझने की जरूरत है.

कैसे होते हैं ग्लूकोमा के शुरुआती लक्षण?

ओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open Angle Glaucoma) के ज्यादातर मामलों में बीमारी धीरे-धीरे और बिना दर्द के बढ़ती है. इसके शुरुआती लक्षण ऐसे होते हैं-

  • साइड से आती चीजें ठीक से न दिखना.
  • बार-बार चीजों से टकरा जाना.
  • अंधेरे में चलने-फिरने में दिक्कत होना.
  • आंखों में थकान या सिरदर्द होना.

गंभीर लक्षण कैसे होते हैं?

डॉक्टर के अनुसार, कुछ दुर्लभ मामलों में, जैसे एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा में लक्षण अचानक और तेजी से बढ़ते हैं. जैसे कि-

  • आंख में तेज दर्द होना.
  • आंख लाल होना.
  • सिरदर्द.
  • मतली या उल्टी.
  • लाइट के चारों तरफ रंगीन घेरा दिखना.
  • अचानक नजर कम होना.

यह एक आपातकालिन स्थिति होती है जिसमें तुरंत इलाज जरूरी है, ताकि अंधापन न हो.

किन लोगों को रिस्क ज्यादा है?

ग्लूकोमा किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में खतरा ज्यादा होता है.

  • 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को.
  • जिनके परिवार में किसी को ग्लूकोमा रहा हो.
  • डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को.
  • लंबे समय तक स्टेरॉइड दवाएं लेने वाले लोगों को.
  • ज्यादा मायोपिया वाले लोगों को.

क्या चश्मा लगाने से ग्लूकोमा रुक या ठीक हो सकता है?

नहीं, चश्मा सिर्फ नंबर की समस्या, जैसे नजदीक या दूर का कम दिखना, इस समस्या को ठीक कर सकता है. मगर ग्लूकोमा आंख की नसों से जुड़ी बीमारी है. ऐसे में चश्मा न तो इसे रोक सकता है और न ही ठीक कर सकता है.

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