एक तिहाई लोगों के दिमाग में छिपा है बिल्ली से फैलने वाला पैरासाइट! वैज्ञानिकों ने बताया कैसे शरीर खुद करता है इसका खात्मा

वैज्ञानिकों के अनुसार Toxoplasma gondii नाम का पैरासाइट दुनिया के हर तीसरे इंसान के दिमाग में छिपा हो सकता है. चलिए जानते हैं कैसे caspase-8 एंजाइम शरीर को बचाने में मदद करता है.

वैज्ञानिकों के अनुसार Toxoplasma gondii नाम का पैरासाइट दुनिया के हर तीसरे इंसान के दिमाग में छिपा हो सकता है. चलिए जानते हैं कैसे caspase-8 एंजाइम शरीर को बचाने में मदद करता है.

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Akansha Thakur
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Toxoplasma Gondii Brain Parasite

Toxoplasma Gondii Brain Parasite (AI Image)

हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उनके अनुसार, Toxoplasma gondii नाम का एक पैरासाइट दुनिया की लगभग एक तिहाई आबादी के दिमाग में छिपकर रह सकता है. यह पैरासाइट बिल्लियों से फैलता है. आमतौक पर यह बिना किसी लक्षण के शरीर में मौजूद रहता है, लेकिन इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर यह गंभीर खतरा बन सकता है. 

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कैसे दिमाग तक पहुंचता है Toxoplasma gondii? 

Toxoplasma gondii वो पैरासाइट है जो इंसान के शरीर में दूषित खाना, पानी या बिल्ली के मल के संपर्क से प्रवेश करता है. शरीर में जाने के बाद यह धीरे-धीरे ब्रेन तक पहुंच सकता है. हैरानी की बात यह है कि यह सालों तक दिमाग में छिपा रह सकता है, बिना किसी स्पष्ट संकेत के. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पैरासाइट सीधे इंसान के दिमाग पर ही नहीं बल्कि यह इम्यून सिस्टम की खास कोशिकाओं को भी निशाना बनाता है. 

किन्हें बनाता है अपना निशाना? 

रिसर्च में सामने आया है कि Toxoplasma gondii, CD8+ T cells को इंफेक्ट करता है. ये सेल्स शरीर को संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. जब पैरासाइट इन्हीं सेल्स में छिप जाता है, तो वह लंबे समय तक शरीर में टिका रह सकता है, लेकिन यहीं पर शरीर का एक खास डिफेंस सिस्टम काम करता है. 

caspase-8 एंजाइम करता है ‘सेल्फ-डिस्ट्रक्ट’ एक्टिवेट

जब CD8+ T cells को खतरे का एहसास होता है, तो शरीर में caspase-8 नाम का एंजाइम सक्रिय हो जाता है. यह एंजाइम एक तरह का सेल्फ-डिस्ट्रक्ट मैकेनिज्म शुरू करता है. इसका मतलब है कि इंफेक्टेड सेल खुद को नष्ट कर लेता है.

इस प्रक्रिया में पैरासाइट भी मर जाता है. इससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यही कारण है कि अधिकतर लोग इस पैरासाइट के बावजूद सामान्य जीवन जी पाते हैं.

क्यों खास है यह रिसर्च? 

यह खोज भविष्य के इलाज के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. खासकर उन लोगों के लिए जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. जैसे HIV मरीज, कैंसर रोगी या गर्भवती महिलाएं. आने वाले समय में वैज्ञानिक इसी मैकेनिज्म के आधार पर नई दवाएं और थेरेपी विकसित कर सकते हैं.

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