Oral Health Tips: पतंजलि ने लॉन्च किया दंत कांति गंडूष ऑयल पुलिंग, जानें क्या है आयुर्वेदिक ऑयल पुलिंग और इसके फायदे

Oral Health Tips: जंक फूड्स, मीठी चीजों और खराब लाइफस्टाइल के चलते आजकल ओरल हेल्थ डिजीज काफी बढ़ गए हैं. पतंजलि के गंडूष ऑयल के इस्तेमाल से दांतों और मसूड़ों की समस्याएं दूर की जा सकती है.

Oral Health Tips: जंक फूड्स, मीठी चीजों और खराब लाइफस्टाइल के चलते आजकल ओरल हेल्थ डिजीज काफी बढ़ गए हैं. पतंजलि के गंडूष ऑयल के इस्तेमाल से दांतों और मसूड़ों की समस्याएं दूर की जा सकती है.

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Namrata Mohanty
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patanjali dant kanti gandush oil

patanjali dant kanti gandush oil Photograph: (patanjali facebook)

Oral Health Tips: योग गुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की अगुवाई वाली कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने ओरल हेल्थ केयर को ध्यान में रखते हुए दंत कांति गंडूष ऑयल पुलिंग को मार्केट में लॉन्च किया है. कंपनी के अनुसार, यह प्रोडक्ट आयुर्वेद की पारंपरिक 'गंडूष' पद्धति पर आधारित है, जिसमें औषधीय तेल को कुछ मिनट तक मुंह में घुमाकर दांत और मसूड़ों की सफाई की जाती है. बताया जा रहा है कि यह तरीका मुंह के बैक्टीरिया को कम करने, बदबू से राहत देने और मसूड़ों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है. हालांकि, कंपनी ने इस प्रोडक्ट का वैज्ञानिक परीक्षण और अनुसंधान भी किया है.

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बढ़ गई है डेंटल प्रॉबलम्स की समस्याएं

मुंह से जुड़ी हेल्थ प्रॉबलम्स अब सिर्फ दांत दर्द या मुंह की दुर्गंध जैसी छोटी-मोटी समस्याएं नहीं रह गई हैं. आजकल लोग ज्यादा मसालेदार फास्ट फूड, मीठे स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कर रहे हैं, जिसके चलते कैविटी, मसूड़ों में सूजन, मसूड़ों से खून आना, दांतों का ढीला होना और मुंह से लगातार दुर्गंध आना जैसी समस्याएं बढ़ गई है. भारत में, जहां कई क्षेत्रों में दंत चिकित्सा के प्रति जागरूकता अभी भी सीमित है, वहां यह समस्या और भी गंभीर बताई जाती है. पतंजलि का दावा है कि इसी वजह से आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धतियों में लोगों की रुचि फिर से बढ़ी है, जो केवल इलाज के बजाय रोकथाम पर जोर देती हैं.

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क्या है गंडूष ऑयल?

गंडूष एक ऐसी विधि है, जिसका आयुर्वेद के ग्रंथों में वर्णन भी मिलता है. इसमें प्रतिदिन सुबह के समय कुछ मिनटों के लिए औषधीय तेल को मुंह में रखना होता है. कहा जाता है कि आयुर्वेदिक विद्वानों ने इस विधि की सलाह न सिर्फ मुंह की सफाई के लिए दिया थी, बल्कि दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने, आवाज की गुणवत्ता में सुधार करने और पाचन में सहायता करने के लिए भी दिया था. कंपनी के स्पष्टीकरण के अनुसार, गंडूष ऑयल का उद्देश्य यह है कि तेल को मुंह में इतनी देर तक रखा जाए कि वह मुंह के ऊतकों और सूक्ष्मजीवों पर अपना प्रभाव डाल सके और फिर तुरंत कुल्ला किए बिना उसे थूक दें, ताकि इसका प्रभाव अधिक समय तक रहे.

सालों के परिश्रण के बाद किया गया तैयार

पारंपरिक गंडूष पद्धति को आधुनिक रूप देते हुए कंपनी का कहना है कि लंबे समय तक किए गए शोध के बाद उसने एक रेडी-टू-यूज ऑयल पुलिंग मिश्रण तैयार किया है. कंपनी के मुताबिक, यह उत्पाद पूरी तरह नेचुरल ऑयल से बनाया गया है और इसमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल, अल्कोहल या आर्टिफिशियल एडिटिव्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

किन सामग्रियों से बना है गंडूष ऑयल?

इस खास आयुर्वेदिक तेल मिश्रण में तुमबुरु तेल, लौंग का तेल, पुदीना तेल, नीलगिरी का तेल और तुलसी पत्तों का तेल शामिल किया गया है. कंपनी का दावा है कि ये सभी तेल मुंह और दांतों की अलग-अलग परेशानियों से राहत दिलाने में फायदेमंद है.

क्या है इन सभी चीजों के गुण?

आयुर्वेद के मुताबिक, तुमबुरु तेल दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाता है. वहीं, लौंग के तेल में मसूड़ों की सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो दांत दर्द से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं. पुदीना तेल में एंटीवायरल और एंटीफंगल तत्व मौजूद होते हैं, जो मुंह की दुर्गंध को कम करने में मदद करते हैं. वहीं, नीलगिरी का तेल मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को कम करने में सहायक होता है, जबकि तुलसी का तेल अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण दांतों की सड़न से बचाता है.

कंपनी के वैज्ञानिकों ने किया शोध

पंतजली आयुर्वेद के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार, ऑयल पुलिंग फॉर्मूलेशन से मुंह में बैक्टीरिया और यीस्ट इंफेक्शन की क्षमता कम हो जाती है. GC-MS/MS तकनीक का उपयोग करके किए गए केमिकल एनालिसिस में लिमोनेन, यूकेलिप्टोल, लिनालूल, मेन्थॉल, एस्ट्रागोल और यूजेनॉल जैसे सक्रिय यौगिकों की पहचान की गई है. ये यौगिक ओरल हेल्थ को बनाए रखने के लिए लाभकारी होते हैं. कंपनी का यह भी दावा है कि इस तेल में स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटांस, स्ट्रेप्टोकोकस पायोजेन्स, प्रोटियस मिराबिलिस और कैंडिडा एल्बिकेंस जैसे रोगाणुओं को खत्म करने की क्षमता होती है, जो आमतौर पर कैविटी, संक्रमण और मुंह में फंगल इंफेक्शन से जुड़े होते हैं.

ब्रेसेस लगाने वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद

इस उत्पाद को दांतों में ब्रेसेस लगाने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी बताया जा रहा है. कंपनी के अनुसार, ब्रेसेस अक्सर दांतों में प्लाक और बायोफिल्म के जमाव को बढ़ावा देते हैं. कंपनी का दावा है कि ऑयल पुलिंग मिश्रण के नियमित उपयोग से ऐसे बायोफिल्म कम होते हैं, जिससे ऑर्थोडॉन्टिक ट्रीटमेंट के दौरान भी दांत साफ रहते हैं.

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