भारत ने रचा इतिहास, दुनिया का पहला AI हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म लॉन्च, अब घर बैठे मरीज की होगी 24x7 निगरानी

भारत ने दुनिया का पहला डॉक्टर के नेतृत्व वाला AI कंटीन्यूअस हेल्थकेयर इकोसिस्टम लॉन्च किया है. इसका मकसद अस्पताल से दूर अपने घर में बैठे मरीजों के हेल्थ की मॉनिटरिंग सातों दिन चौबीसों घंटे होते रहती है.

भारत ने दुनिया का पहला डॉक्टर के नेतृत्व वाला AI कंटीन्यूअस हेल्थकेयर इकोसिस्टम लॉन्च किया है. इसका मकसद अस्पताल से दूर अपने घर में बैठे मरीजों के हेल्थ की मॉनिटरिंग सातों दिन चौबीसों घंटे होते रहती है.

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Akansha Thakur
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AI Healthcare Monitoring

AI Healthcare Monitoring

Home ICU Monitoring: कल्पना कीजिए कि आपके घर में ही एक पर्सनल ICU हो. डॉक्टर हर समय आपकी सेहत पर नजर रखें. किसी भी खतरे से पहले आपको अलर्ट मिल जाए तो कैसा होगा. हाल ही में ऐसा भारत की नई मेडिकल टेक्नोलॉजी iLive Connect ने करके दिखाया है. यह सिस्टम खासतौर पर बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बनाया गया है. चलिए हम आपको इसकी खासियत के बारे में विस्तार से बताते हैं. 

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क्या है यह डिवाइस? 

iLive Connect एक AI आधारित हेल्थकेयर सिस्टम है. इसमें मरीज को एक बायोसेंसर पैच और कलाई में पहनने वाला बैंड दिया जाता है. यह डिवाइस शरीर के जरूरी संकेतों पर लगातार नजर रखता है. सभी डेटा रियल टाइम में डॉक्टरों तक पहुंचता है. 

इसके अलावा अगर शरीर में कोई भी खतरनाक बदलाव शुरू होता है, तो कमांड सेंटर में मौजूद डॉक्टर दो मिनट के भीतर मरीज और उसके परिवार को सूचना देते हैं. साथ ही यह भी बताया जाता है कि तुरंत क्या करना जरूरी है. इससे कई बार अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

कैसे काम करता है यह डिवाइस? 

iLive Connect के फाउंडर और कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. राहुल चंदोला के अनुसार, यह सिस्टम भविष्य में होने वाली बीमारी के संकेत पहले ही पकड़ लेता है. इससे समय पर इलाज संभव हो जाता है और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम होती है.

यह डिवाइस छाती और कलाई पर पहना जाता है. यह लगातार ECG, हार्ट रेट, सांसों की गति, ऑक्सीजन लेवल, बॉडी टेम्परेचर, ब्लड प्रेशर ट्रेंड और फिजिकल एक्टिविटी को मॉनिटर करता है. सभी जानकारी सुरक्षित क्लाउड सिस्टम के जरिए डॉक्टरों तक पहुंचती है.

दुनिया का पहला AI हेल्थकेयर सिस्टम

सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और iLive Connect के को-फाउंडर डॉ. विवेका कुमार के मुताबिक, यह दुनिया का पहला ऐसा AI हेल्थकेयर इकोसिस्टम है, जिसे डॉक्टर लीड कर रहे हैं. यह मरीज के घर को ICU जैसी सुविधा में बदल देता है.

डॉ. हैं कि सिस्टम यह भी पहचान लेता है कि मरीज कितनी नींद ले रहा है. अगर नींद पूरी नहीं हो रही, तो उसका पूरा डेटा डॉक्टरों के पास होता है. ऐसे छोटे संकेत बड़ी मेडिकल इमरजेंसी को रोकने में मदद करते हैं.

24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी

कमांड सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टर 24x7 ड्यूटी पर रहते हैं. यह सिस्टम लक्षण दिखने का इंतजार नहीं करता. AI एनालिटिक्स के जरिए बीमारी के संकेत पहले ही पकड़ लिए जाते हैं.

iLive Connect खास तौर पर बुजुर्गों, हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीजों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. घर पर रहते हुए भी उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी मिलती रहती है. 

रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे

10 हफ्तों की एक स्टडी में 410 मरीजों पर iLive Connect का इस्तेमाल किया गया. नतीजों में अस्पताल में दोबारा भर्ती होने के मामलों में 76% तक की कमी दर्ज की गई. दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक समस्याओं की पहचान समय रहते हो सकी.

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