/newsnation/media/media_files/2026/01/17/pillow-cover-change-2026-01-17-10-32-21.jpg)
Pillow Cover Change
Pillow Cover Changing Benefits: अक्सर लोग स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें भी त्वचा की सेहत पर गहरा असर डालती हैं. इन्हीं में से एक है तकिए का कवर. स्किन एक्सपर्ट्स का कहना है कि हफ्ते में कम से कम एक बार तकिए का कवर बदलना स्किन हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें पिंपल्स, एलर्जी या सेंसिटिव स्किन की समस्या रहती है. ऐसे में चलिए डॉ. मीनू मलिक से जानते हैं तकिए के कवर से स्किन और नींद का क्या कनेक्शन है?
तकिए में कैसे जमा होते हैं बैक्टीरिया और तेल?
विजिटिंग कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, वेनेरियोलॉजी एवं लेप्रोलॉजी, आकाश हेल्थकेयर के डॉ. मीनू मलिक बताते हैं कि रात में सोते समय हमारे चेहरे, बालों और शरीर से निकलने वाला पसीना, तेल (सीबम), डेड स्किन सेल्स और बालों के प्रोडक्ट्स तकिए के कवर में जमा हो जाते हैं. कुछ ही दिनों में यह कवर बैक्टीरिया और फंगस का घर बन सकता है.
डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं, “एक ही तकिए के कवर पर कई दिनों तक सोने से उस पर बैक्टीरिया और गंदगी जमा हो जाती है, जो सीधे चेहरे की त्वचा के संपर्क में आती है और स्किन प्रॉब्लम्स को बढ़ा सकती है.”
पिंपल्स और एलर्जी का खतरा क्यों बढ़ता है?
गंदा तकिया त्वचा के रोमछिद्रों (पोर्स) को बंद कर सकता है. इससे मुंहासे, ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या बढ़ जाती है. इसके अलावा, जिन लोगों को एलर्जी या एक्जिमा की शिकायत होती है, उनमें खुजली, रैश और लालपन भी बढ़ सकता है. डॉ. के अनुसार, “एक्ने-प्रोन या सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में गंदे तकिए की वजह से बार-बार ब्रेकआउट हो सकते हैं, चाहे वे सही स्किन केयर रूटीन ही क्यों न फॉलो कर रहे हों.”
नींद और स्किन हेल्थ का कनेक्शन
नींद के दौरान त्वचा खुद को रिपेयर करती है. लेकिन अगर सोने का वातावरण साफ न हो, तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। साफ तकिए का कवर न सिर्फ त्वचा को बैक्टीरिया से बचाता है, बल्कि बेहतर नींद में भी मदद करता है. स्किन स्पेशलिस्ट डॉ मीनू कहती हैं, “अच्छी नींद और साफ बिस्तर स्किन हेल्थ के लिए उतने ही जरूरी हैं जितने कि सही डाइट और स्किन केयर प्रोडक्ट्स.”
कितनी बार बदलना चाहिए तकिए का कवर?
विशेषज्ञों की सलाह है कि
सामान्य स्किन वाले लोग हफ्ते में एक बार कवर बदलें
ऑयली या एक्ने-प्रोन स्किन वाले लोग 3–4 दिन में
अगर पिंपल्स या एलर्जी ज्यादा है, तो हर 2–3 दिन में कवर बदलना बेहतर है
कॉटन या सिल्क फैब्रिक के तकिए के कवर स्किन के लिए ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं.
स्किन को कैसे रखें सुरक्षित?
डॉक्टर कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं जैसे-
सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करें
तकिए के कवर को हल्के डिटर्जेंट से धोएं
मेकअप लगाकर कभी न सोएं
आदतों में करें ये बदलाव
डॉ. के मुताबिक, “कई बार स्किन की समस्या दवाओं से नहीं, बल्कि आदतों में बदलाव से ठीक हो जाती है. तकिए का कवर बदलना उसी का एक अहम हिस्सा है.” अगर आप पिंपल्स, एलर्जी या बार-बार होने वाली स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं, तो सिर्फ क्रीम बदलने के बजाय अपनी सोने की आदतों पर भी ध्यान दें. हफ्ते में एक बार तकिए का कवर बदलना स्किन को साफ, स्वस्थ और ग्लोइंग बनाए रखने की दिशा में एक छोटा लेकिन असरदार कदम है.
यह भी पढ़ें: बिना लक्षणों वाला Cervical Cancer क्या होता है? डॉक्टर से जानें शुरुआती संकेत और स्क्रीनिंग कब जरूरी
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us