दिल की बीमारी की पहचान हुई तेज, AI डिजिटल स्टेथोस्कोप से तुरंत चलेगा रोग का पता, समय रहते होगा इलाज

AI Digital Stethoscope: AI से लैस डिजिटल स्टेथोस्कोप दिल की बीमारियों की पहचान दोगुनी तेजी से कर सकता है. चलिए जानते हैं यह नई तकनीक समय रहते जांच कर कई जिंदगियां बचाने में कैसे मददगार साबित हो सकती हैं.

AI Digital Stethoscope: AI से लैस डिजिटल स्टेथोस्कोप दिल की बीमारियों की पहचान दोगुनी तेजी से कर सकता है. चलिए जानते हैं यह नई तकनीक समय रहते जांच कर कई जिंदगियां बचाने में कैसे मददगार साबित हो सकती हैं.

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Akansha Thakur
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AI Digital Stethoscope: स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई तकनीक ने दस्तक दी है. AI से लैस डिजिटल स्टेथोस्कोप अब दिल की बीमारियों की पहचान पहले से कही् ज्यादा तेज कर सकता है. विशेषज्ञों का दावा है कि यह डिवाइस पारंपरिक स्टेथोस्कोप से दोगुनी गति से संकेत पकड़ सकता है. दिल की बीमारी दुनिया में मौत की बड़ी वजह है. समय पर पहचान न होने से स्थिति गंभीर हो जाती है. ऐसे में यह नई तकनीक कई मासूम जिंदगियां बचाने में मददगार साबित हो सकती है. चलिए हम आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि यह AI स्टेथोस्कोप कैसे काम करता है? 

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कैसे काम करता है AI स्टेथोस्कोप?

यह स्मार्ट स्टेथोस्कोप सामान्य डिवाइस की तरह ही दिल की धड़कन सुनता है. लेकिन इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सॉफ्टवेयर जुड़ा होता है. डिवाइस हार्ट साउंड को रिकॉर्ड करता है. फिर AI एल्गोरिदम उसे तुरंत सावधान करता है. यह असामान्य ध्वनियों, मर्मर और रिद्म में गड़बड़ी को पहचान सकता है. रिपोर्ट कुछ ही मिनटों में स्क्रीन पर आ जाती है. इससे डॉक्टर को तुरंत निर्णय लेने में मदद मिलती है.

किन लोगों को होगा फायदा? 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में ज्यादा इस्तेमाल होगी. जहां कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं होते, वहां यह डिवाइस शुरुआती जांच कर सकता है. डेटा को ऑनलाइन विशेषज्ञों तक भी भेजा जा सकता है. इससे मरीज को समय पर सही सलाह मिल सकती है.

मरीजों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

दिल की कई बीमारियां शुरुआत में बिना लक्षण के होती हैं. मरीज को देर से पता चलता है. तब तक नुकसान बढ़ चुका होता है. AI स्टेथोस्कोप शुरुआती संकेत पकड़ सकता है. इससे इलाज जल्दी शुरू हो सकता है. जटिल सर्जरी या इमरजेंसी की संभावना कम हो सकती है.

क्या यह पूरी तरह सुरक्षित है?

डॉक्टरों का कहना है कि यह उपकरण सहायक है. यह डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता. अंतिम निर्णय विशेषज्ञ ही करेंगे. फिर भी, यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बना सकती है. सटीक और तेज जांच से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. टेक्नोलॉजी और चिकित्सा की यह पहल भविष्य में दिशा दिखा रहा है. आने वाले समय में ऐसे और स्मार्ट उदाहरण देखने को मिल सकते हैं. 

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