कौन है इंद्रजीत यादव? जिसके ठिकाने से ED ने जब्त की 50 करोड़ की संपत्ति

Who is Indrajeet Yadav: दिल्ली से गुरुग्राम तक ईडी की छापेमारी ने मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. इंद्रजीत सिंह यादव से जुड़े ठिकानों से करोड़ों की नकदी, ज्वेलरी और संपत्ति के सबूत मिले हैं.

Who is Indrajeet Yadav: दिल्ली से गुरुग्राम तक ईडी की छापेमारी ने मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. इंद्रजीत सिंह यादव से जुड़े ठिकानों से करोड़ों की नकदी, ज्वेलरी और संपत्ति के सबूत मिले हैं.

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Deepak Kumar
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दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा छापेमारी ने मनी लॉन्ड्रिंग की एक बड़ी कहानी को सामने ला दिया है. इस कार्रवाई के केंद्र में इंद्रजीत सिंह यादव है, जिसे जांच एजेंसियां एक कुख्यात ‘स्ट्रॉन्गमैन’ और संगठित अपराध नेटवर्क का अहम चेहरा बता रही हैं. ईडी की इस कार्रवाई से सियासी और आपराधिक हलकों में हड़कंप मच गया है. बता दें कि ईडी ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर 5 करोड़ रुपये नकद, करीब 8.80 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और लगभग 35 करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं. इसके अलावा लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, डिजिटल डिवाइस और कई आपत्तिजनक कागजात भी मिले हैं. एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित की गई है. आइए जानते हैं आखिर कौन है इंद्रजीत यादव, जिसके ठिकानों से करोड़ों रुपए की संपत्ति की बरामदगी हुई है.

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कौन है इंद्रजीत सिंह यादव?

इंद्रजीत सिंह यादव M/s Gem Records Entertainment Pvt. Ltd. का मालिक है, जो Gems Tunes नाम से म्यूजिक और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में काम करती है. लेकिन ईडी और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मनोरंजन की आड़ में वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है. उस पर हत्या, अवैध वसूली, धोखाधड़ी, जमीन कब्जा, हथियारों के दम पर धमकाने और हिंसक अपराधों जैसे गंभीर आरोप हैं. सोशल मीडिया पर उसके करीब 12 लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं.

15 से ज्यादा एफआईआर, यूएई से ऑपरेशन

आपको बता दें कि इस मामले की जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से ज्यादा एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई है. ये केस आर्म्स एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज हैं. ईडी का दावा है कि इंद्रजीत फिलहाल फरार है और यूएई से अपना नेटवर्क चला रहा है.

कॉरपोरेट विवादों में ‘स्ट्रॉन्गमैन’ की भूमिका

जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह यादव खुद को एक ‘एनफोर्सर’ के रूप में पेश करता था. आरोप है कि कुछ कॉरपोरेट कंपनियों और निजी फाइनेंसरों के बीच कर्ज विवादों में वह धमकी और दबाव के जरिए जबरन समझौते कराता था और इसके बदले मोटा कमीशन वसूलता था.

ईडी का कहना है कि इस अवैध कमाई से इंद्रजीत ने अपने और परिवार के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियां खरीदीं, जबकि आयकर रिटर्न में बेहद कम आय दिखाई गई. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.

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