Weather Update: दिसंबर आते ही हो गई ठिठुरन शुरू, दिल्ली, पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में कोल्ड वेव का अलर्ट

Weather Update: देश के अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. इस दौरान केंद्रीय, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से अधिक कोल्ड देखने को मिल सकती हैं.

Weather Update: देश के अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. इस दौरान केंद्रीय, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से अधिक कोल्ड देखने को मिल सकती हैं.

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Yashodhan Sharma
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north india Cold wave alert Photograph: (NN)

IMD Alert: देश के उत्तरी राज्यों में ठंड ने दस्तक दे दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से 1 दिसंबर को जारी अपडेट के मुताबिक अनुमान है कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी यूपी, उत्तरी मध्य प्रदेश, पश्चिमी महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में इस बार सामान्य से ज्यादा ‘कोल्ड वेव’ देखने को मिल सकती है. 

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यहां सामान्य से अधिक कोल्ड वेव की संभावना

IMD ने बताया कि दिसंबर से फरवरी के बीच देश के मध्य हिस्सों, उससे सटे दक्षिणी इलाकों और उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है. वहीं देश के अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. इस दौरान केंद्रीय, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से अधिक कोल्ड देखने को मिल सकती हैं.

क्या कहते हैं मौसम एक्सपर्ट

लंबी ठंड की लहरों के पीछे मुख्य वजह कम ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ को माना जा रहा है. भूमध्यसागर से आने वाले ये बादल बारिश लाते हैं और नमी से न्यूनतम तापमान बढ़ जाता है. लेकिन इस बार इनकी संख्या कम होने से तापमान तेजी से गिर रहा है. मौसम विभाग के डीजी एम. मोहित कुमार मो. मोहपात्रा ने मीडिया को बताया कि यह साल ला नीना का भी है, जिसमें मध्य प्रशांत महासागर में तापमान सामान्य से ठंडा हो जाता है. भले ही इसका सीधा संबंध न हो, लेकिन आमतौर पर ला नीना वाले वर्षों में अधिक ठंड पड़ती है.

डीजी ने यह भी बताया कि नवंबर में ही ठंड की लहरें शुरू हो गई थीं, जो कि “असामान्य रूप से जल्दी” है. इसका कारण ‘पोलर वॉर्टेक्स’ है—अत्यधिक ठंडी हवा का क्षेत्र जो सामान्य रूप से ध्रुवों के आसपास रहता है, लेकिन कभी-कभी नीचे की ओर खिसककर यूरोप, उत्तरी एशिया और अमेरिका में भीषण ठंड लेकर आता है. हिमालय भारत को उसके सीधे प्रभाव से बचाता है, मगर हल्का असर यहां भी महसूस होता है.

क्या है कोल्ड वेव

मौसम विभाग के मुताबिक, किसी भी मैदानी इलाके में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम हो जाए, तो उसे ‘कोल्ड वेव’ माना जाता है. पहाड़ी क्षेत्रों में यह सीमा 0 डिग्री सेल्सियस है. इसके अलावा, यदि किसी क्षेत्र का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री तक नीचे चला जाए, तो भी उसे ‘कोल्ड वेव’ की श्रेणी में रखा जाता है.

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