'SIR में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हो रहा उल्लंघन', टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप

Abhishek Banerjee News: टीएमसी ने एक बार फिर से एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा. तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

Abhishek Banerjee News: टीएमसी ने एक बार फिर से एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा. तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

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Suhel Khan
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TMC MP Abishek Banerjee

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी Photograph: (X@abhishekaitc)

Abhishek Banerjee News: पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर टीएमसी चुनाव आयोग पर लगातार आरोपी लगा रही है. अब तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. टीएमसी सांसद ने बुधवार को कहा कि, भारत निर्वाचन आयोग राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करते समय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है. बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपने अधिकारियों को औपचारिक, विश्वसनीय और जवाबदेह तंत्रों के बजाय व्हाट्सएप के माध्यम से निर्देश भेज रहा है.

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चुनाव आयोग को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "क्या चुनाव आयोग का यह मानना ​​है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा सकता है? देश की सर्वोच्च अदालत ने बार-बार पारदर्शिता, उचित प्रक्रिया और संचार के आधिकारिक माध्यमों के पालन पर ज़ोर दिया है. बावजूद इसके हम देख रहे हैं कि निर्देश औपचारिक, विश्वसनीय और जवाबदेह तंत्रों के बजाय व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जा रहे हैं."

अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा कि, "इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि विशेष रोल ऑब्जर्वर सी मुरुगन द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में माइक्रो ऑब्जर्वरों को सीधे जन्म प्रमाण पत्रों की स्वीकार्यता के संबंध में निर्देश जारी करने की विश्वसनीय रिपोर्टें हैं, ताकि हटाए जाने वाले रिकॉर्ड की संख्या बढ़ाई जा सके. क्या मुझे ईसीआई को सुप्रीम कोर्ट के उस स्पष्ट निर्देश की याद दिलाने की आवश्यकता है कि माइक्रो ऑब्जर्वरों की भूमिका केवल सहायक ही रहनी चाहिए? फिर वैधानिक प्रक्रिया को किसके निर्देशों पर दरकिनार किया जा रहा है?"

टीएमसी नेता ने साझा किए व्हाट्सएप के स्क्रीनशॉट

टीएमसी नेता ने कथित तौर पर व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए, जिनमें अधिकारियों द्वारा दस्तावेज़ों की स्वीकृति के संबंध में निर्देश दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "दिल्ली में चुनाव आयोग के राजनीतिक आकाओं के निर्देश पर लॉगिन डेटा का दुरुपयोग करके प्रश्न तैयार किए जा रहे हैं और विशेष रूप से एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है. यदि इस मामले की स्वतंत्र रूप से जांच की जाए, तो यह साबित हो जाएगा कि लॉगिन डिवाइस का टावर लोकेशन और आईपी एड्रेस संबंधित रोल ऑब्जर्वर के वास्तविक लोकेशन से अलग है."

सुप्रीम कोर्ट जाने की कही बात

उन्होंने आगे कहा, "चुनाव आयोग को अपनी वैधता जनता के विश्वास से मिलती है, न कि राजनीतिक संरक्षण से. हम इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाएंगे. इसके अलावा, दिल्ली के जमींदारों के साथ गठबंधन करने वाले या उनके इशारे पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को कड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. तैयार रहें!"

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