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SC की नाराजगी से बैकफुट पर एनसीईआरटी Photograph: (Social Media)
'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) बैकफुट पर आ गया और अब उस चैप्टर के लिए माफी मांगी है. बता दें कि एनसीईआरटी ने आठवीं क्लास के पाठ्यक्रम में न्यायपालिका से जुड़ा एक चैप्टर शामिल किया था. जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर पढ़ाया जाना था, लेकिन उससे पहले ही इस चैप्टर को लेकर विवाद गहरा गया.
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वतःसंज्ञान लिया. इस मामले की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में होनी है. लेकिन इससे पहले ही एनसीईआरटी ने अपनी गलती मानते हुए खेद प्रकट किया और माफी मांगी. एनसीईआरटी ने कहा है कि इस चैप्टर से संबंधित किताबों को उपयुक्त अधिकारियों के परामर्श से फिर से लिखा जाएगा. बता दें कि 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले चैप्टर को बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नाराजगी जताई थी और इसे बेहद परेशान करने वाला कदम बताया था.
NCERT is trying to retrieve the 38 copies of the now-withdrawn Class 8 Social Science Part 2 textbook that were sold. Of the 2.25 lakh copies printed, 2,24,962 remained in inventory and have been recalled to the warehouse: Education Ministry Sources pic.twitter.com/nKQ8cecywW
— ANI (@ANI) February 26, 2026
NCERT ने वेबसाइट से हटाई पुस्तक, रोका विवरण
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस चैप्टर को लेकर नाराजगी जताई थी और इस मामले की सुनवाई के लिए आज यानी गुरुवार का दिन तय किया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. लेकिन इससे पहले ही एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट से इस पुस्तक को हटा लिया और पाठ्यपुस्तक का वितरण भी रोक दिया. एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि, "यह देखा गया कि संबंधित अध्याय में कुछ अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय की त्रुटि अनजाने में शामिल हो गई है." उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी, 'न्यायपालिका को सर्वोच्च सम्मान देता है और उसे भारतीय संविधान का संरक्षक तथा मौलिक अधिकारों का रक्षक मानता है.'
अनजाने में हुई गलती- एनसीईआरटी
एनसीईआरटी के अधिकारी ने इसे अनजाने में हुई एक गलती बताया. उन्होंने कहा कि, "एनसीईआरटी यह पुनः दोहराता है कि नई पाठ्यपुस्तकों का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक साक्षरता, संस्थाओं का सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी पर समझ को मजबूत करना है." उन्होंने कहा कि, किसी भी संवैधानिक संस्था के अधिकारक्षेत्र पर प्रश्न उठाने या उसे कमतर करने का कोई इरादा नहीं है.
फिर से लिखी जाएंगी किताबें
इसके साथ ही एनसीईआरटी ने कहा है कि, "अपनी सतत समीक्षा प्रक्रिया के तहत हम रचनात्मक सुझावों का स्वागत करता है. इसलिए जरूरत के मुताबिक संबंधित अधिकारियों से परामर्श के बाद उस सामग्री को दोबारा लिखा जाएगा और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत पर आठवीं क्लास के छात्रों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा."
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