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भारत आएंगे 114 और राफेल लड़ाकू विमान Photograph: (ANI)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा परिषद द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद, भारत एक बड़े रक्षा सौदे के तहत फ्रांस से 114 राफेल जेट खरीदने के लिए तैयार है, जिसकी अनुमानित लागत 3.25 लाख करोड़ रुपये है. सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के लिए 6 पी8आई विमान खरीदने के सौदे को भी मंजूरी दे दी गई है.
अभी भारतीय सेना के बेड़ में शामिल हैं 36 राफेल विमान
बता दें कि राफेल लड़ाकू विमानों का निर्माण फ्रांसीसी रक्षा कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा किया जाता है. वर्तमान में भारतीय वायु सेना के बेड़े में वर्तमान में 36 राफेल विमान हैं. भारतीय वायु सेना के लिए पहले 5 राफेल विमान जुलाई 2020 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पहुंचे और बाद में उन्हें सेवा में शामिल कर लिया गया. भारत वर्तमान में दो राफेल स्क्वाड्रन संचालित करता है. इनमें हरियाणा के अंबाला में स्थित नंबर 17 'गोल्डन एरो' और पश्चिम बंगाल के हासिमारा में स्थित नंबर 101 'फाल्कन' शामिल है. इसके साथ ही भारतीय वायु सेना ने जुलाई 2021 में हासिमारा वायुसेना स्टेशन पर नंबर 101 स्क्वाड्रन में राफेल विमानों को औपचारिक रूप से शामिल किया.
भारत की ताकत में होगा इजाफा
सरकार के इस फैसले के बाद भारत की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. भारतीय वायु सेना की परिचालन और युद्धक क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिलेगा. यह निर्णय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की इसी महीने के अंत में भारत यात्रा से कुछ सप्ताह पहले आया है. माना जा रहा है कि इस सौदे पर उसी दौरान हस्ताक्षर किए जाएंगे.
भारत में ही असेंबल किए जाएंगे 96 राफेल
इस योजना के तहत 18 जेट उड़ान भरने की स्थिति में भारत आएंगे. जबकि बाकी 96 राफेल विमानों को भारत में ही असेंबल किया जाएगा. इस बेड़े का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा स्वदेशी रूप से निर्मित होने की उम्मीद है. साथ ही मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी हिस्सेदारी संभावित रूप से 60 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
जानें क्या हैं राफेल लड़ाकू विमान की विशेषताएं?
बता दें कि राफेल लड़ाकू विमान एक 4.5 पीढ़ी का दो इंजन वाला बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है. जिसे फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है. यह अपनी बहुमुखी प्रतिभा, उन्नत विमानन तकनीक और विभिन्न प्रकार के मिशनों को अंजाम देने की क्षमता के लिए जाना जाता है. राफेल एक ही उड़ान में हवाई श्रेष्ठता, जमीनी हमला, टोही, जहाज-रोधी हमले और परमाणु प्रतिरोध मिशन को अंजाम दे सकता है. इसे बहुस्तरीय संचालन के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह उड़ान के दौरान विभिन्न प्रकार के मिशनों के बीच स्विच कर सकता है.
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