भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलने वाली है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपनी मास्को यात्रा के दौरान पुष्टि की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत दौरे पर आएंगे. डोभाल ने कहा, “भारत और रूस के बीच एक खास, ऐतिहासिक रिश्ता है. उच्चस्तरीय संवादों से यह रिश्ता और मजबूत हुआ है. हम प्रेसिडेंट पुतिन की भारत यात्रा को लेकर उत्साहित हैं. तारीख लगभग तय हो चुकी है.” रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक, यह दौरा इसी साल संभव है, हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं हुई है.
अमेरिका की सख्ती
इसी बीच अमेरिका और भारत के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया कार्यकारी आदेश जारी कर भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, भारत द्वारा रूस से तेल खरीद जारी रखना इस फैसले की प्रमुख वजह है.
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर जारी आदेश में कहा गया है, “भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूसी तेल का आयात कर रहा है. ऐसे में राष्ट्रीय आपातकालीन प्रावधानों के तहत ये शुल्क लगाया जाना उचित है.” इस निर्णय से अब अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल आयात शुल्क करीब 50% पहुंच गया है, जो एशिया के किसी भी देश पर अब तक का सबसे अधिक टैरिफ है.
भारत कर रहा है युद्ध से मुनाफा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भारत को सीधे निशाने पर लेते हुए लिखा, “भारत रूस से भारी मात्रा में तेल खरीद रहा है और फिर उसी तेल को ओपन मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा है. भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता कि रूस की जंग में यूक्रेन में कितने लोग मारे जा रहे हैं.” ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर रूस ने शुक्रवार तक यूक्रेन युद्ध रोकने पर सहमति नहीं दी, तो अमेरिका उन देशों पर सेकेंडरी सैंक्शन भी लगा सकता है जो रूसी तेल खरीदते हैं यानी भारत जैसे देश खतरे के घेरे में आ सकते हैं.
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