अब 'सेवा तीर्थ' के नाम से जाना जाएगा PMO, मोदी सरकार ने गुलामी की एक और निशानी को बदला

प्रधानमंत्री मोदी ने PMO, कैबिनेट सचिवालय और NSCS वाले कॉम्प्लेक्स को 'सेवा तीर्थ' नाम दिया है. रेस कोर्स रोड से लेकर राजपथ तक सरकार पुराने औपनिवेशिक प्रतीकों को बदलकर भारतीय मूल्यों वाले नाम रख गई है.

प्रधानमंत्री मोदी ने PMO, कैबिनेट सचिवालय और NSCS वाले कॉम्प्लेक्स को 'सेवा तीर्थ' नाम दिया है. रेस कोर्स रोड से लेकर राजपथ तक सरकार पुराने औपनिवेशिक प्रतीकों को बदलकर भारतीय मूल्यों वाले नाम रख गई है.

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Ravi Prashant
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पीएमओ का नाम चेेंज हुआ Photograph: (X/ani)


केंद्र सरकार ने देश की राजधानी में सत्ता के गलियारों की पहचान बदलने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस खास परिसर (कॉम्प्लेक्स) को 'सेवा तीर्थ' का नाम दिया है, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण ऑफिस मौजूद हैं.

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यह बदलाव महज नाम का नहीं है, बल्कि यह साल 2014 से चली आ रही उस सोच का हिस्सा है, जिसके तहत भारत अपने औपनिवेशिक यानी अंग्रेजों के जमाने के प्रतीकों को पीछे छोड़ रहा है. सरकार का मानना है कि इन बदलावों से काम करने के तरीके और जनता के प्रति नजरिए में बड़ा बदलाव आएगा.

बदले हुए नामों की लिस्ट

  • साउथ ब्लॉक- सेवा तीर्थ 
  • सेंट्रल सचिवालय- कर्तव्य भवन 
  • राजपथ-कर्तव्य पथ 
  • रेस कोर्स रोड- लोक कल्याण मार्ग 
  • राज भवन / राज निवास- लोक भवन / लोक निवास 

इन नए नामों के पीछे मुख्य सोच यह है कि शासन अब 'राज' करने के लिए नहीं, बल्कि जनता की 'सेवा' और अपने 'कर्तव्य' को पूरा करने के लिए है. 'सेवा तीर्थ' नाम यह संदेश देता है कि यह जगह देश की भलाई के लिए समर्पण का केंद्र है.

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