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बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण (social media)
Patanjali News: पतंजलि आयुर्वेद का दावा है कि कंपनी ने भारतीय FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) उद्योग में खास पैकेजिंग का सहारा ले रही है. पतंजलि के अनुसार, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को मानते हुए कंपनी ने इस तरह की पैकेजिंग को अपनाया है. यह आकर्षक होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल है. कंपनी ने अपने उत्पादों के लिए 'न्यू एज डिज़ाइन' को सामने रखा. इसका लक्ष्य आधुनिकता के साथ पर्यावरण को संरक्षण करना है.
पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव काफी कम: पतंजलि
पतंजलि के अनुसार, 'उत्पादों की पैकेजिंग में प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग होता है, यह पर्यावरण के अनुकूल है. कम्पोस्टेबल पैकेजिंग, कागज-आधारित सामग्री और बायोप्लास्टिक है. ये सामग्रियां उपयोग के बाद दोबारा से उपयोग में लाई जा सकती है. इससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव काफी कम होता है. उदाहरण के तौर पर कंपनी बांस के कंटेनरों का उपयोग करती है. ये तेजी से बढ़ने वाला और टिकाऊ संसाधन है. यह न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाता है. ग्राहकों को पर्यावरण के प्रति कंपनी लगातार जागरूकता बढ़ा रही है.
पतंजलि के अनुसार, 'पैकेजिंग रणनीति लागत प्रभावी है. कंपनी ने ऐसी सामग्रियों का चयन किया है जो न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, इसके साथ उत्पादन लागत को भी कम होती है. यह रणनीति उन्हें ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में प्रतिस्पर्धा के दामों पर उत्पाद उपलब्ध कराने में सहायता की है. इससे न केवल कंपनी की पहुंच बढ़ती है. इससे उपभोक्ताओं को रास्ते और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की पेशकश करता है.
FMCG कंपनियों को मिल रही प्रेरणा: पतंजलि
पतंजलि का दावा कि उनका मॉडल अन्य FMCG कंपनियों के लिए उदाहरण है. आज के समय में जब उपभोक्ता पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं तो पतंजलि का यह दृष्टिकोण उन्हें बाजार में अलग पहचान देता है. पतंजलि की पैकेजिंग रणनीति न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि उनकी ब्रांड छवि को भी मजबूत बनाती है. उपभोक्ता अब पतंजलि को एक आधुनिक, विश्वसनीय और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कंपनी के रूप में देखते हैं.
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