/newsnation/media/media_files/2026/01/04/pashupalan-gbcdc-yojana-2026-01-04-22-42-54.jpg)
पशुपालन योजना Photograph: (META AI)
पशुपालन (GBCDC) योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लोगों को कम ब्याज दर पर वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे पशुपालन जैसे कृषि आधारित व्यवसाय शुरू कर सकें. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
योजना के प्रमुख लाभ क्या है?
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है. अधिकतम ऋण सीमा ₹1,00,000 तय की गई है. कुल यूनिट लागत का 85 प्रतिशत ऋण के रूप में दिया जाता है, जिसमें 85 प्रतिशत हिस्सा राष्ट्रीय निगम द्वारा, 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा और 5 प्रतिशत लाभार्थी के अंशदान के रूप में शामिल होता है. ऋण की राशि गाय और भैंस जैसे पशुपालन कार्यों के लिए उपयोग की जा सकती है. ऋण का पुनर्भुगतान 60 समान मासिक किश्तों में ब्याज सहित करना होगा.
पात्रता शर्तें क्या है?
आवेदक का सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) से होना अनिवार्य है. आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹3,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदन के समय आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए. साथ ही, आवेदक के पास संबंधित व्यवसाय का अनुभव और आवश्यक तकनीकी जानकारी होना जरूरी है.
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया क्या है?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. आवेदक को सबसे पहले Gujarat Backward Classes Development Corporation की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. होमपेज पर ‘पशुपालन’ योजना का चयन कर ‘Apply Now’ पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आवेदन फॉर्म में योजना का चयन, यूनिट लागत और आवश्यक ऋण राशि भरनी होगी.
आवेदक को आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत विवरण, आय प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, रोजगार और बैंक खाते से संबंधित जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होगी. सभी विवरण भरने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक कर आवेदन पूरा किया जा सकता है.
आवश्यक डॉक्यूमेंट्स क्या क्या लगेंगे?
आवेदन के समय आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, बैंक खाता विवरण और पूर्व में लिए गए ऋण का विवरण (यदि लागू हो) अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा. यह योजना राज्य के पशुपालकों के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है.
ये भी पढ़ें- पीएम किसान योजना में बड़ा बदलाव, अब बिना यूनिक किसान आईडी नहीं मिलेगा लाभ
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us