Pariksha Pe Charcha 2026: 'तनाव मुक्त तैयारी, संतुलित जीवन जीने की सलाह'; परीक्षा पे चर्चा के दूसरे एपिसोड में PM मोदी ने दिए ये मंत्र

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से संवाद कर परीक्षा तनाव कम करने, स्टार्टअप सोच अपनाने, विकसित भारत में योगदान और पढ़ाई के साथ आर्ट को जोड़कर संतुलित जीवन जीने की सलाह दी.

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से संवाद कर परीक्षा तनाव कम करने, स्टार्टअप सोच अपनाने, विकसित भारत में योगदान और पढ़ाई के साथ आर्ट को जोड़कर संतुलित जीवन जीने की सलाह दी.

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Deepak Kumar
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Pariksha Pe Charcha PM Modi

पीएम मोदी का 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम Photograph: (DD/ANI)

Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का दूसरा एपिसोड आज (9 फरवरी) सुबह 10 बजे प्रसारित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से सीधी बातचीत की. इस कार्यक्रम में उन्होंने बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव से निपटने, आत्मविश्वास बनाए रखने और जीवन में संतुलन रखने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए. यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया. इस एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी के ‘एग्जाम वॉरियर्स’ ने भाग लिया.

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सिखाने नहीं, सीखने आया हूं- पीएम मोदी

परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने स्टूडेंट्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘मैं कई सालों से 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों से बातचीत करता रहता हूं. मैं उनसे बातचीत सीखने के लिए करता हूं. मेरे लिए ये एक बहुत बड़ा सीखने का कार्यक्रम है, सिखाने का नहीं.’

पीएम मोदी ने छात्रों के हर सवालों के दिए जवाब

कार्यक्रम की शुरुआत में तमिलनाडु के कोयंबटूर एक छात्रा ने पीएम से पूछा कि उन्हें स्टार्टअप करना है, तो उन्हें एजुकेशनल लेवल पर क्या करना होगा? ताकि उन्हें स्टार्ट अप में मदद मिल सके. इस पर पीएम ने कहा कि सफलता के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती. जरूरी यह है कि छात्र पहले यह समझें कि वे करना क्या चाहते हैं. छोटे स्तर से भी शुरुआत की जा सकती है और अनुभव के साथ आगे बढ़ा जा सकता है.

विकसित भारत के विषय पर उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए हर नागरिक की छोटी-छोटी जिम्मेदारियां अहम होती हैं. यदि हम अपनी आदतों और सोच में सकारात्मक बदलाव लाएं, तो विकसित भारत का सपना जरूर पूरा होगा.

पढ़ाई और कला के संतुलन पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई और आर्ट को अलग नहीं समझना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि विज्ञान के विषयों को आर्ट के माध्यम से भी बेहतर तरीके से समझा जा सकता है. उन्होंने सलाह दी कि छात्र हफ्ते में कुछ समय अपनी पसंदीदा रचनात्मक गतिविधियों के लिए जरूर निकालें, इससे तनाव कम होता है और पढ़ाई में भी मन लगता है.

एक अन्य छात्र ने सवाल किया कि आजकल AI का प्रभाव बहुत बढ़ रहा है. इस पर पीएम ने कहा हर युग में नई टेक्नोलॉजी पर चर्चा होती है. कंप्यूटर आया तो चर्चा हुई कि क्या हो जाएगा. हमें किसी चीज से डरना नहीं चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि किसी का गुलाम नहीं बनना चाहिए. निर्णय का फैसला खुद के पास होना चाहिए. कुछ बच्चों का हो गया है अगर मोबाइल नहीं है तो वह खाना नहीं खा सकते हैं, टीवी नहीं है तो वह जी नहीं सकते. मतलब ये है कि आप उसका गुलाम बन गए. हमें टेक्नोलॉजी को समझ कर खुद का विस्तार करना  होगा. 

छत्तीसगढ़ के छात्रों से पीएम ने की बात

कोयंबटूर के बाद पीएम रायपुर पहुंचे. यहां उन्होंने राज्य का ट्रेडिशनल फूड खाया. यहां उन्होंने छात्रों से कहा कि हम कहीं भी जाएं स्टूडेंट के रूप में जाना चाहिए. भारत इतनी विविधताओं से भरा हुआ है कि एक जीवन कम पड़ जाए इसे देखने के लिए. यहां एक छात्रा ने पीएम से कहा कि एग्जाम के टाइम कभी-कभी रिवीजन नहीं कर पाते हैं. जिससे हमारा मन अशांत हो जाता है तो इसे कैसे शांत करें? इसपर पीएम ने कहा कि आप मानकर चलिए आपने जो सुना है पढ़ा है वह बेकार नहीं है दिमाग में कहीं न कहीं स्टोर है. अच्छा विद्यार्थी बनने के लिए उस सब्जेक्ट पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए.

एक छात्रा ने पर्यावरण को लेकर कहा कि एनवायरनमेंट डेवलपमेंट की तरफ जा रहा है तो हमें उस तरफ क्या करना चाहिए? प्राकृतिक संपदा को बचाना हमारे सभाव में होना चाहिए. धीर-धीरे उसमें लोगो को जोड़ना चाहिए. जोड़ते रहते हैं तो बदलाव आता है. यदि आप ब्रश कर रहे हैं तो पानी बंद कर दें. पानी ना फैलने दें. इन छोटे-छोटे कामों से हम एनवायरनमेंट में अपना सहयोग दे सकते हैं.

पीएम ने गुजरात के स्टूडेंट्स को दिए ये टिप्स

छत्तीसगढ़ से पीएम मोदी गुजरात के देव मोगरा पहुंचे. यहां उन्होंने आदिवासी बच्चों से मुलाकात की. एक छात्र ने कहा कि उनके माता-पिता ने बताया कि आपने राज्य के ट्राइबल रीजन के विकास के लिए बहुत काम किए हैं, इसकी प्रेरणा आपको कहां से आई. उन्होंने बताया कि एक पीएम जनमन योजना शुरू की है. आदिवासी समाज में भी कई लोग ऐसे हैं जो बहुत पीछे हैं. उनके लिए अलग स्कीम बनाई है. मुझे तब से लगता था कि शिक्षा पर और ज्यादा बल देना होगा. जितना हम उस पर बल देंगे उतना तेजी से विकास होगा.

विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत ज्यादा जरूरत होती है. ऑपरेशन सिंदूर के वक्त आपने कैसे अपने तनाव को काबू किया. हम तो एग्जाम के प्रेशर से ही घबरा जाते हैं. पीएम ने कहा कि आप पुरानी परीक्षा के दिनों को याद करें. पेपर होने से पहले तनाव रहता था लेकिन परीक्षा होने के बाद वह खत्म हो जाता था. परीक्षा के लिए सबसे जरूरी चीज होती है कि आप पेपर सॉल्व करने की आदत डालें. अगर आप हर दिन इसकी तैयारी करते हैं तो यकीनन आपके ऊपर तनाव नहीं आएगा. अच्छी नींद लेना जरूरी है. सिर्फ सफलता से प्रभावित न हों. महान लोगों की साधारण शुरुआत से सीखें.

गुवाहाटी में परीक्षा पे चर्चा

अंत में प्रधानमंत्री मोदी असम के गुवाहाटी पहुंचे. यहां एक छात्र ने पीएम से सवाल किया कि एनर्जी फील करने के लिए कौन सी डाइट रखनी चाहिए. पीएम ने कहा मेरी डाइट का कोई सिस्टम ही नहीं है. उन्होंने कहा दवाई की तरह डाइट नहीं खानी चाहिए.

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