News Nation Logo

बेंगलुरु हिंसा के दंगाइयों पर 'योगी मॉडल' से कार्रवाई, वॉशिंगटन में भी दिखा था असर

11 अगस्त की रात जिस तरह से भारत में दंगों की दुकान चलाने वालों ने कर्नाटक की राजधानी बैंगलरू के दामन पर दंगे का जो दाग लगाया उससे आईटी (IT) हब कहे जाने वाले बैंगलरू के लोग अब तक हैरान और परेशान हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 13 Aug 2020, 02:20:33 PM
Yogi Adityanath

दंगाइयों से निपटने के लिए बेंगलुरु से वॉशिंगटन तक 'योगी मॉडल' की चर्चा (Photo Credit: फाइल फोटो)

बेंगलुरु:

बेंगलुरु (Bengaluru) विवादित पोस्ट को लेकर मंगलवार रात हुई हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मॉडल फिर चर्चा में आ गया है. दरअसल उत्तर प्रदेश के बाद अब यहां भी दोषियों की संपत्ति ज़ब्त कर नुकसान की भरपाई होगी. सरकार ने बैंगलुरू दंगे को सुनियोजित साजिश बताया है. कहा जा रहा है कि एक घंटे से ज्यादा वक्त तक पेट्रोल बम फेंके गए. 11 अगस्त की रात जिस तरह से भारत में दंगों की दुकान चलाने वालों ने कर्नाटक की राजधानी बैंगलरू के दामन पर दंगे का जो दाग लगाया उससे आईटी (IT) हब कहे जाने वाले बैंगलरू के लोग अब तक हैरान और परेशान हैं.

यह भी पढ़ेंः 370 के बाद का कश्मीर: पत्थर तो चले लेकिन जानें बहुत कम गईं

यह था पूरा मामला
बेंगलुरु के एक स्थानीय कांग्रेस (INC) विधायक श्रीनिवास मूर्ति ( MLA Srinivas Murthy) के रिश्तेदार ने फेसबुक (Facebook) पर पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad ) पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी (Post) लिखी थी. जिसके बाद धर्म विशेष की भीड़ ने हिंसा फैलाई. भीड़ ने विधायक के घर पर हमला करके उसे आग के हवाले कर दिया गया. दंगाइयों ने उनके घर पर पेट्रोल बम फेंके और टायर जलाए. दंगों के आरोप में अब तक 146 लोगों को गिरफ्तार किए गए हैं. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी.

यह भी पढ़ेंः अमेरिका ने उठाया ऐसा कदम कि भड़क उठा चीन, बोला- आग से न खेलें

दंगाईयों से होगी नुकसान की भरपाई
कर्नाटक सरकार का कहना है कि इस दंगे में हुए नुकसान की भरपाई दंगाईयों से ही की जाएगी. कर्नाटक सरकार के इस फैसले की जड़ में उत्तर प्रदेश सरकार का योगी मॉडल है जिसकी चर्चा इस देश में ही नहीं बल्कि दुनिया में हो चुकी है. कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री सीटी रवि ने कहा है कि बैंगलुरू में हुआ दंगा सुनियोजित साजिश के तहत हुआ था. इसके पीछे SDPI के पार्षद मुज्जमिल पाशा का हाथ हो सकता है. आपको बता दें कि एसडीपीआई (SDPI), दिल्ली (Delhi), यूपी (UP) में दंगों की साजिश के आरोपी पीएफआई (PFI) का सहयोगी संगठन है.

सीएए विरोधी कानून को लेकर यूपी में हुए थे दंगे
उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दंगे हुए थे. इन दंगों में कई शहरों में सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ था. यूपी में दंगाइयों से वसूली की मुनादी वाले पोस्टर चौराहों पर लगाए गए. इसके बाद अमेरिका में हुए दंगा में वॉशिंगटन में दंगाइयों के पोस्टर लगे. अब कर्नाटक में दंगाइयों की खैर नहीं है. यहां भी सरकार जल्द ही वसूली करने जा रही है.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 13 Aug 2020, 02:20:33 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.