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केंद्र ने फरीदकोट को भेजे थे 80 वेंटिलेटर, 71 निकले खराब

कहा जा रहा है कि ये वेंटिलेटर कुछ देर चलने के बाद बंद हो जा रहे हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 12 May 2021, 01:34:49 PM
Ventilators

अब इस मसले पर राजनीति गर्माने के पूरे आसार. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • पंजाब को दिए गए 80 में से 71 वेंटिलेटर खराब
  • पीएम केयर फंड से बीते साल की गई थी खरीदी
  • मेडिकल कॉलेज ने इस्तेमाल करने से किया इंकार

चंडीगढ़:

कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण काल में राजनीति भी चरम पर है. इस कड़ी में अब पीएम केअर्स फंड की ओर से मंगाए गए वेंटिलेटर्स की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है. इस कड़ी से भी पंजाब का नाम जुड़ रहा है. बताते हैं कि पिछले साल पीएम केअर्स फंड (PM Cares Fund) के तहत पंजाब में उपलब्ध वेंटिलेटर्स की एक बड़ी संख्या उपयोग में नहीं लाई जा रही है. इसके पीछे वेंटिलेटर्स की खराब गुणवत्ता वजह बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि ये वेंटिलेटर कुछ देर चलने के बाद बंद हो जा रहे हैं.  जाहिर है इस नए आरोप के बाद एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधने का मौका कांग्रेस को मिल गया है. 

एग्वा हेल्थकेयर से खरीदे गए थे वेंटिलेटर
जानकारी के मुताबिक फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आपूर्ति किए गए 80 वेंटिलेटरों में से 71 खराब होने का मामला सामने आया है. ये वेंटिलेटर एग्वा हेल्थकेयर द्वारा पीएम केअर्स फंड के तहत प्रदान किए गए थे. मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का कहना है कि इन वेंटिलेटर्स की गुणवत्ता खराब है और उपयोग के दौरान एक या दो घंटे के भीतर ही बंद हो जाते हैं.  अनेस्थेसिस्ट्स ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए इन वेंटिलेटरों की गुणवत्ता पर भरोसा नहीं किया जा सकता है क्योंकि जब इन मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, तब यह अचानक काम करना बंद कर दे रहे हैं. 

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चलते-चलते बंद हो जाती है मशीन
एक डॉक्टर ने कहा कि वेंटिलेटर की गुणवत्ता काफी खराब है, ये मशीन बंद हो जा रही हैं, इसलिए हम मरीजों की जान को जोखिम में नहीं डाल सकते हैं.
 मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में 39 वेंटिलेटर थे, जिनमें से 32 कार्यशील थे. काफी संख्या में वेंटिलेटरों की कमी ने अधिकारियों को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है क्योंकि इस अस्पताल में 300 से अधिक कोविड रोगियों को भर्ती कराया गया था.

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ठीक करने रखे जा रहे तकनीशियन
इस बीच पंजाब के मुख्य सचिव विनी महाजन ने खराब वेंटिलेटर की मरम्मत के लिए इंजीनियरों और तकनीशियनों को काम पर रखने की मंजूरी दे दी है, तकनीशियनों के बुधवार शाम तक फरीदकोट पहुंचने की उम्मीद है. राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज अधिकारियों को आश्वासन दिया है कि दस नए वेंटिलेटर अस्पताल को प्राथमिकता के आधार पर प्रदान किए जाएंगे. सूत्रों ने कहा कि भारत सरकार ने पिछले साल 250 वेंटिलेटर भेजे थे, जिनकी कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक थी. हालांकि इनमें से कुछ मशीनें स्वास्थ्य विभाग के स्टोरों में अभी भी पड़ी है और कुछ मशीनों का इस्तेमाल शुरू हुआ तो उनमें दिक्कत आने लगी. इसके साथ ही पंजाब में वेंटिलेटर संचालित करने के लिए तकनीशियनों की कमी भी है.

First Published : 12 May 2021, 01:31:34 PM

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