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PAK के होश ठिकाने लगाएगा तेजस! वायुसेना प्रमुख बोले- चीन के जेएफ-17 से भी है बेहतर

चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) से बढ़ते हवाई खतरे के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत बढ़ती जा रही है. भारत सरकार ने बुधवार को 83 नए तेजस विमानों की खरीद के सौदे को मंजूरी दी है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 15 Jan 2021, 11:45:27 AM
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PAK के होश ठिकाने लगाएगा तेजस! IAF चीफ बोले- चीन के जेएफ-17 से बेहतर (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) से बढ़ते हवाई खतरे के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत बढ़ती जा रही है. भारत सरकार ने बुधवार को 83 नए तेजस विमानों की खरीद के सौदे को मंजूरी दी है. 48 हजार करोड़ के इस सौदे से भारतीय वायुसेना में फाइटर विमानों की कमी को दूर किया जा सकेगा. खास बात ये है कि तेजस विमान भारतीय कंपनी एचएएल द्वारा विकसित किए गए हैं. तेजस चीन-पाकिस्तान के जेएफ -17 लड़ाकू जेट की तुलना में कहीं बेहतर और उन्नत है. तेजस की ताकत बताते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि फाइटर जेट बालाकोट जैसी एयरस्ट्राइक करने में भी सक्षम है.

सर्जिकल स्ट्राइक जैसा मिशन करने में भी सक्षम
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि तेजस फाइटर जेट बालाकोट जैसी सर्जिकल स्ट्राइक करने में भी सक्षम है. उन्होंने कहा कि मिसाइल आदि के मामले में भी तेजस उस समय सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल हुए विमानों से बेहतर है. 

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फ्रंटलाइन पर तैनात किए जाएंगे तेजस विमान
वायुसेना प्रमुख ने बताया कि 83 तेजस विमानों से चार स्क्वॉड्रन बनायी जाएंगी. अभी तेजस एलसीए फाइटर जेट की दो स्क्वॉड्रन पहले से वायुसेना में हैं, जिन्हें बढ़ाकर 6 किया जाएगा. इन स्क्वॉड्रन को फ्रंटलाइन पर तैनात किया जाएगा. 

तेजस और जेएफ-17 फाइजर जेट की तुलना को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि तेजस एलसी (Light Combat) एयरक्राफ्ट ही जेएफ-17 से बेहतर है. ऐसे में तेजस मार्क-ए तो काफी बेहतर है. वायुसेना प्रमुख ने बताया कि तेजस की मिसाइल रेंज भी जेएफ-17 से ज्यादा है और तेजस को और बेहतर बनाने के लिए इसमें देश में बने बेहतर सेंसर लगाए जा रहे हैं.

तेजस की ताकत ये है कि वो हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल दाग सकता है. इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं. तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है. तेजस स्वदेशी चौथी पीढ़ी का टेललेस कंपाउंड डेल्टा विंग विमान है. ये चौथी पीढ़ी के सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों के समूह में सबसे हल्का और सबसे छोटा है. हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस को भारतीय वायुसेना द्वारा पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान सीमा के करीब तैनात किया गया है.

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सर्जिकल स्ट्राइक जैसा मिशन करने में भी सक्षम
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि तेजस फाइटर जेट बालाकोट जैसी सर्जिकल स्ट्राइक करने में भी सक्षम है. उन्होंने कहा कि मिसाइल आदि के मामले में भी तेजस उस समय सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल हुए विमानों से बेहतर है. 

फ्रंटलाइन पर तैनात किए जाएंगे तेजस विमान
वायुसेना प्रमुख ने बताया कि 83 तेजस विमानों से चार स्क्वॉड्रन बनायी जाएंगी. अभी तेजस एलसीए फाइटर जेट की दो स्क्वॉड्रन पहले से वायुसेना में हैं, जिन्हें बढ़ाकर 6 किया जाएगा. इन स्क्वॉड्रन को फ्रंटलाइन पर तैनात किया जाएगा. 

First Published : 15 Jan 2021, 11:45:27 AM

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