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राज्यपाल ने खिलाई मिठाई तो विपक्ष को लगी मिर्ची, महाराष्ट्र में नई महाभारत

शरद पवार ने लिखा, राज्यपाल की गतिविधि और भूमिका संविधान से अलग है, जिस तरीके से पिछले ढाई सालों में राज्यपाल की अलग-अलग भूमिका रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है.

Written By : अभिषेक पांडेय | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 03 Jul 2022, 09:47:34 AM
Koshyari Shinde

एकनाथ शिंदे को मिठाई खिलाने पर शरद पवार ने ट्वीट कर कसा तंज. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • राज्यपाल के शिंदे और फडणवीस को मिठाई खिलाने से शुरू नई रार
  • एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने बकायदा ट्वीट कर कसा कोश्यारी पर तंज
  • 12 विधान परिषद सदस्यों पर फैसला नहीं लेने पर भी लिया आड़े हाथों

मुंबई:  

महाराष्ट्र में सियासी उठा-पटक के बाद हाल ही में जब शिवसेना के बागी धड़े के नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज भवन पहुंचे, तो राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) ने एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को नई सरकार बनाने की शुभकामनाएं देते हुए मिठाई खिलाई. मिठाई खिलाने की तस्वीर सामने आने के बाद अब विपक्ष आक्रामक हो गया है. महा विकास अघाड़ी सरकार में घटक और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने तो ट्वीट कर बकायदा राज्यपाल पर तंज ही कस दिया है.  

शरद पवार में ट्वीट में यह लिखा
उन्होंने अपनी ट्वीट में लिखा, 'राज्यपाल की गतिविधि और भूमिका संविधान से अलग है, जिस तरीके से पिछले ढाई सालों में राज्यपाल की अलग-अलग भूमिका रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है. 1967 से मैंने खुद शपथ लेते हुए और कई नई सरकार बनते हुए देखी, लेकिन कभी किसी राज्यपाल ने मिठाई नहीं खिलाई. साथ ही शिंदे सरकार को बधाई देकर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को मिठाई खिलाने वाले राज्यपाल ने पिछले डेढ़ सालों से अधिक समय से 12 विधान परिषद के सदस्यों पर फैसला नहीं किया है, जबकि चुनी हुई उद्धव सरकार ने 12 नाम राज्यपाल के पास भेजें. अब सुनने में आ रहा है कि नई सरकार बनते ही 12 नामों पर फैसला जल्दी हो सकता है. यही नहीं, जब उद्धव ठाकरे सरकार शपथ ले रही थी तो कई मंत्रियों ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सहित कई लोगों के नाम शपथ के आगे या पीछे लिए. इस पर राज्यपाल ने आपत्ति जताई और मेरे नाम का जिक्र करते हुए उन्हें फिर से शपथ दिलाई गई, लेकिन एकनाथ शिंदे जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तो उन्होंने बाबा साहब का नाम लिया, लेकिन राज्यपाल की तरफ से कोई भी आपत्ति नहीं दर्ज कराई गई. इससे साफ होता है कि राज्यपाल किस तरीके से काम कर रहे हैं.'

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कोरोना को लेकर भी उद्धव सरकार पर साधा था राज्यपाल ने निशाना
गौरतलब है कि कोरोना के समय में भी राज्यपाल ने समय-समय पर राज्य सरकार को पत्र लिखकर उद्धव सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए थे. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान राजभवन के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को बताते-बताते उद्धव ठाकरे के ऊपर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए राज्यपाल ने कहा था कि जब महाराष्ट्र की जनता के लिए लोगों ने अपने दरवाजे बंद कर लिए थे और किसी से नहीं मिल रहे थे, तो हमने राज भवन कोरोना में खोल दिया था ताकि लोगों की समस्याएं दूर की जा सके. इससे भी विपक्ष काफी नाराज हो गया था. अब फिर एक बार मिठाई खिलाने की तस्वीर ने विपक्ष को राज्यपाल पर हमला करने का मौका दे दिया है.

First Published : 03 Jul 2022, 09:45:56 AM

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