News Nation Logo
Banner

यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस भारत के लिए बना रहा परमाणु ऊर्जा संयत्र

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 25 Mar 2022, 07:48:25 AM
Kudankulam

1000 मेगावॉट का संयंत्र बन रहा है रूस की मदद से. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम कुडनकुलम संयत्र में कर रही मदद
  • 1,000 मेगावाट के संयंत्र के लिए जरूरी कंपोनेंट्स दे रहा रूस

चेन्नई:  

रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, लेकिन उसकी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम तमिलनाडु के कुडनकुलम में बनाए जा रहे 1,000 मेगावाट के संयंत्र के लिए जरूरी कंपोनेंट्स का निर्माण जारी रखे हुए है. रोसाटॉम के अनुसार इसके मशीन निर्माण विभाग पेट्रोजावोडस्कमाश ने कुडनकुलम में पांचवीं इकाई के लिए रिएक्टर कूलेंट पंप सेट (आरसीपीएस) की हाउसिग के लिए गाइड वैंस का निर्माण शुरू कर दिया है. भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालक न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के कुडनकुलम में दो 1,000 मेगावाट के संयंत्र (यूनिट्स 1 और 2) हैं, जबकि चार और (यूनिट्स 3, 4, 5 और 6) निमार्णाधीन हैं.

सभी आधा दर्जन इकाइयां रूस की मदद से
सभी छह इकाइयां रूसी तकनीक और रोसाटॉम द्वारा आपूर्ति किए गए उपकरणों के साथ बनाई गई हैं. रोसाटॉम के अनुसार पहला गाइड वैन पहले ही फिटिंग-अप और वेल्डिंग ऑपरेशन पास कर चुका है. जैसे कि यह अन्य तीन गाइड वैन से संबंधित है, फिट-अप गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया है और पेट्रोजावोडस्कमाश श्रमिक वेल्डिंग संचालन को लेकर तैयार हैं. गाइड वैन आरसीपीएस इंटर्नल को संदर्भित करता है और इसमें ऊपरी और निचले डिस्क होते हैं, जिसके बीच 13 गाइड ब्लेड को वैल्ड किया जाना है.

यह भी पढ़ेंः बीरभूम हिंसा: कलकत्ता HC आज जारी करेगा आदेश, NHRC ने भी मांगा जवाब

फिलहाल नहीं पड़ा रूस-यूक्रेन युद्ध का असर
गाइड वैन को पंप हाउसिंग में सख्ती से लगाया जाना है और इसका उद्देश्य पंप के अंदर शीतलक प्रवाह (कूलेंट फ्लो) की केन्द्रापसारक (सेंट्रीफुगल) दिशा निर्धारित करना है. आरसीपीएस हाउसिग प्रथम सुरक्षा श्रेणी की वस्तु (आइटम) है. एक बिजली इकाई के रिएक्टर संयंत्र उपकरण में चार आरसीपी सेट शामिल हैं. वैसे भी, एनपीसीआईएल के अधिकारी निमार्णाधीन चार संयंत्रों के लिए रूस के रोसाटॉम से परमाणु ऊर्जा संयंत्र घटकों की डिलीवरी पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव के बारे में सोच रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः 2022 में भारत की वृद्धि दर रहेगी कम, UN ने बताया यह बनेगा बड़ा कारण

शिपिंग में आएगी समस्या
एनपीसीआईएल को रूस से भारत में रिएक्टर घटकों को लाने के लिए जहाजों की व्यवस्था करनी है. यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान के बाद, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं. एनपीसीआईएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बात करते हुए कहा था कि संघर्ष के कारण शिपिंग क्षेत्र प्रभावित हुआ है. अधिकारी ने यह भी कहा कि रोसाटॉम उन वस्तुओं के बारे में सूचित करेगा, जिन्हें रूस से उठाया जा सकता है और तदनुसार जहाजों की व्यवस्था की जाएगी.

First Published : 25 Mar 2022, 07:48:25 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.