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राज्यसभा में भावुक हुए नायडू, हंगामे का जिक्र कर कह दी ये बड़ी बात

एम वेंकैया नायडू सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा कल के हंगामे के बारे में बोलते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि कल इस सदन की सारी पवित्रता तबाह हो गई जब कुछ सदस्य मेजों पर बैठे और कुछ मेजों पर चढ़ गए.

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 11 Aug 2021, 12:47:55 PM
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नायडू हुए भावुक (Photo Credit: ANI)

highlights

  • राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू हुए भावुक
  • विपक्षी सांसदों ने सदन की गरिमा को भंग किया
  • हंगामा करने वाले सांसदों पर हो सकती है कार्रवाई

नई दिल्ली :  

संसद के हंगामेदार मानसून सत्र के बीच राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू (m venkaiah naidu) बुधवार को भावुक हो गए. उन्होंने सदन में विपक्ष के बर्ताव की निंदा की. राज्यसभा अध्यक्ष नायडू ने कहा कि संसद में मंगलवार को जो हुआ उससे दुखी हूं. एम वेंकैया नायडू सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा कल के हंगामे के बारे में बोलते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि कल इस सदन की सारी पवित्रता तबाह हो गई जब कुछ सदस्य मेजों पर बैठे और कुछ मेजों पर चढ़ गए. उन्होंने कहा कि संसद में जो हुआ, उससे मैं बहुत दुखी हूं.वि पक्ष की इस तरह की हरकत से सदन की गरिमा को चोट पहुंची. मैं पूरी रात सो नहीं पाया. इसके साथ ही नायडू ने विपक्ष की लगातार मांग पर कहा कि आप सरकार को इस बात के लिए दबाव नहीं डाल सकते कि वो क्या करे और क्या नहीं. 

सूत्रों के मुताबिक, सभापति वेंकैया नायडू राज्यसभा में हंगामा करने वाले और आसन की तरफ रूल बुक फेंकने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह, सदन के नेता पीयूष गोयल और अन्य भाजपा सांसदों ने आज सुबह नायडू से मुलाकात भी की.

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बता दें कि राज्यसभा में कृषि मुद्दों पर चर्चा के दौरान मंगलवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ सांसद अध्यक्ष के सामने पत्रकारों की मेज पर चढ़ गए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा टेबल पर खड़े नजर आ रहे हैं, जिस पर सभापति ने गंभीरता से संज्ञान लिया है.

विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि संबंधित नोटिसों पर ध्यान नहीं दिया गया . उन्होंने सरकार पर किसान आंदोलन पर छिपाने और चर्चा से बचने का आरोप लगाया. 

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सरकार सांसदों पर कार्रवाई करने पर विचार कर रही है और इस मुद्दे पर अध्यक्ष के साथ बैठक की है.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, संसद में पीठासीन अधिकारियों को तटस्थ अंपायर माना जाता है, पक्षपातपूर्ण खिलाड़ी नहीं. वे सदन में चल रही पूरी तरह से एकतरफा तस्वीर पेश नहीं कर सकते हैं और स्थिति को और बढ़ा सकते हैं. गलत भावना से हंगामा होता है.

First Published : 11 Aug 2021, 11:40:31 AM

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