logo-image
लोकसभा चुनाव

राहुल गांधी का केंद्र पर हमला - किसी की बिना सुने फैसला करना विनाशकारी

कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट के चलते वैश्विक संकट के बीच राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अमेरिका के पूर्व विदेश उप मंत्री निकोलस बर्न्स ( Ambassador Nicholas Burns) से बातचीत की.

Updated on: 12 Jun 2020, 11:40 AM

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट के चलते वैश्विक संकट के बीच राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अमेरिका के पूर्व विदेश उप मंत्री निकोलस बर्न्स ( Ambassador Nicholas Burns) से बातचीत की. राहुल गांधी ने कहा कि भारत और अमेरिका के हालात करीब एक जैसे हैं. साथ ही उन्होंने अमेरिका में अश्वेत की हत्या मामले में कहा कि अमेरिका में सहिष्णुता के देखने को नहीं मिल रही जैसी पहले दिखाई देती थी.

यह भी पढ़ेंः मानसून में और कहर बरपाएगा कोरोना, IIT बॉम्बे के प्रोफेसरों का खुलासा

'भारत और अमेरिका के रिश्ते अटूट'
राहुल गांधी ने बातचीत में निकोलस से पूछा कि वह भारत और अमेरिका के रिश्ते को कैसे देखते हैं इस पर निकोलस ने कहा कि 70-80 के दशक में यहां भारतीय इंजीनियर, डॉक्टर बने. आज हमारे राज्यों में गवर्नर, सीनेटर भारतीय अमेरिकी हैं. कई टेक कंपनियों के सीईओ भारतीय अमेरिकी हैं. ऐसे में यह एक दोनों देशों के बीच में ऐसा पुल है जो हमारे रिश्ते को और मजबूत करता है.

यह भी पढ़ेंः कोरोना मरीजों के इलाज पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, शवों के अनुचित प्रबंधन का भी मामला

अमेरिका, भारत और चीन के पास था बड़ा मौका
निकोलस से जब पूछा गया कि कोरोना जैसी महामारी के बाद भी दुनिया के देश आपस में एक दूसरे का सहयोग क्यों नहीं कर रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा कि यब बात काफी दुखद है कि इस परिस्थिति में भी देश एक दूसरे की मदद नहीं कर रहे हैं. एक तरह पूरे विश्व में यह महामारी फैली हुई है तो ऐसे में भारत, अमेरिका और चीन के पास एक साथ आने और दुनिया की मदद करने का बड़ा मौका था.