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किसानों को समझाने का 'मोदी प्लान', आज अन्नदाताओं को भेजेंगे 18 हजार करोड़

कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को आज 30वां दिन हो गए हैं. इन कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच किसानों को मनाने का बीड़ा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उठाया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 25 Dec 2020, 08:11:27 AM
PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को आज 30वां दिन हो गए हैं. इन कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच किसानों को मनाने का बीड़ा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उठाया है. पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर नरेंद्र मोदी आज 9 करोड़ किसानों से संवाद करेंगे और साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 9 करोड़ किसानों को 18,000 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे.

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वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मोदी 6 राज्‍यों के किसानों से संवाद भी करेंगे तथा किसान सम्‍मान निधि और किसानों के कल्‍याण के लिए सरकार द्वारा की गई अन्‍य पहल के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगे. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाते हुए बीजेपी भी आज देश में 19 हजार से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम करेगी. इन केंद्रों पर एक करोड़ किसानों को जुटाने के साथ 5 करोड़ किसानों तक प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पहुंचाने की तैयारी है.

उत्तर प्रदेश में 3000 स्थानों में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा भी देश के 19,000 से ज्यादा स्थानों पर बीजेपी ये कार्यक्रम करेगी. ये कार्यक्रम सभी विकास खंडों, पंचायतों, सहकारी संस्थानों और मंडियों पर आयोजित होंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ अन्य बीजेपी नेता देश भर में पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और किसानों से संवाद भी करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजधानी दिल्ली के मेहरौली और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारका सेक्टर 15 में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम ऐसे समय में तय किया गया है कि जब दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान पिछले 4 सप्ताह से अधिक समय से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. वे इन कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. 

First Published : 25 Dec 2020, 08:11:27 AM

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