News Nation Logo
Banner

अब सुप्रीम कोर्ट को ही चुनौती दे बैठे प्रशांत भूषण, अवमानना पर कह दी बड़ी बात

प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के मामले को चुनौती दी है. प्रशांत भूषण ने इसे स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 01 Aug 2020, 09:44:52 AM
Prashant Bhushan

प्रशांत भूषण (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के मामले को चुनौती दी है. प्रशांत भूषण ने इसे स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया है. प्रशांत भूषण ने कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट की धारा 2 (सी) (आई) को चुनौती दी है. उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार एन राम और अरुण शौरी भी याचिकाकर्ता है. अर्जी में कहा गया है कि कोर्ट के सम्मान को गिराने वाले बयान पर लगने वाली ये धारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन है.

यह भी पढ़ेंः पता नहीं सरकार कब तक सोएगी... प्रियंका गांधी का योगी सरकार पर निशाना

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के सात पूर्व न्यायाधीशों ने 131 अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं, कानूनविदों, वकीलों के साथ एक बयान जारी कर प्रशांत भूषण का समर्थन किया है. जस्टिस रुमा पाल, जीएस सिंघवी, एके गांगुली, गोपाला गौडा, आफताब आलम, जे चेलमेश्वर और विक्रमजीत सेन ने प्रशांत भूषण को समर्थन दिया है.  

यह भी पढ़ेंः मोदी सरकार ने चीन को दिया बड़ा झटका, अब इस प्रोडक्ट के इंपोर्ट को प्रतिबंधित सूची में डाला

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका पर टिप्पणी करने वाले भूषण के ट्वीट पर प्रशांत भूषण के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का स्वत: संज्ञान लिया और अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से सुनवाई में मदद करने को कहा है. इस मामले में ट्विटर को भी पार्टी बनाया गया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्वीट में दिए गए बयान से पहली नजर में अदालत की अवमानना का मामला बनता है. प्रशांत भूषण ने जूडिशियरी के खिलाफ दो आपत्तिजनक ट्वीट किए थे जो 27 जून और 29 जून को किए गए थे.

First Published : 01 Aug 2020, 09:44:52 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

×