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PM मोदी ने मुचिन्तल में किया 216 फीट ऊंची ‘समानता की मूर्ति’ का अनावरण

216 फीट ऊंची मूर्ति ‘पंचलोहा’ से बनी है, जो पांच धातुओं सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता का संयोजन है और दुनिया में बैठने की स्थिति में सबसे ऊंची धातु की मूर्तियों में से एक है.

News Nation Bureau | Edited By : Pradeep Singh | Updated on: 05 Feb 2022, 07:48:53 PM
RAMANUJACHARYA

समानता की मूर्ति (Photo Credit: Twitter Handle)

हैदराबाद:  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानि शनिवार को तेलंगाना के शमशाबाद में 11 वीं शताब्दी के भक्ति संत श्री रामानुजाचार्य की स्मृति में 216 फीट ऊंची 'समानता की मूर्ति' का अनावरण किया.पीएम मोदी आज दोपहर पहले हैदराबाद पहुंचे जहां उन्होंने आईसीआरआईएसएटी की 50वीं वर्षगांठ समारोह में भी भाग लिया. 216 फीट ऊंची मूर्ति ‘पंचलोहा’ से बनी है, जो पांच धातुओं सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता का संयोजन है और दुनिया में बैठने की स्थिति में सबसे ऊंची धातु की मूर्तियों में से एक है.

यह ‘भद्र वेदी’ नामक 54 फुट ऊंचे आधार भवन पर स्थापित है, जिसमें वैदिक डिजिटल पुस्तकालय और अनुसंधान केंद्र, प्राचीन भारतीय ग्रंथों, एक थिएटर, एक शैक्षिक गैलरी के लिए समर्पित फर्श हैं, जिसमें श्री रामानुजाचार्य के कई कार्यों का विवरण है. प्रतिमा की परिकल्पना हैदराबाद के शमशाबाद के पास मुचिन्तल में श्री रामानुजाचार्य आश्रम के श्री चिन्ना जीयर स्वामी द्वारा की गई है. प्रतिमा का आज का उद्घाटन श्री रामानुजाचार्य की 1,000वीं जयंती के 12 दिवसीय उत्सव का हिस्सा है.

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कार्यक्रम के दौरान श्री रामानुजाचार्य की जीवन यात्रा और शिक्षा पर थ्रीडी प्रेजेंटेशन मैपिंग भी प्रदर्शित की गयी. पीएम मोदी भी 108 दिव्य देशम (सजावटी नक्काशीदार मंदिर) के उन्हीं मनोरंजनों का दौरा किया, जो स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी को घेरे हुए हैं.

हालांकि, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव शनिवार को यहां हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत समारोह के दौरान नदारद रहे. 2014 के बाद यह पहला मौका है जब केसीआर ने पीएम मोदी की अगवानी नहीं की. राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन, केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी और तेलंगाना के मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव उन वीआईपी लोगों में शामिल थे, जिन्होंने हवाई अड्डे पर मोदी की अगवानी की.

प्रतिमा श्री रामानुजाचार्य को समर्पित है, जिन्होंने राष्ट्रीयता, लिंग, जाति, जाति या पंथ की परवाह किए बिना हर इंसान की भावना के साथ लोगों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया. स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी का उद्घाटन 12 दिवसीय श्री रामानुज सहस्रब्दी समारोह का एक हिस्सा है, जो श्री रामानुजाचार्य की चल रही 1000 वीं जयंती समारोह है.

First Published : 05 Feb 2022, 07:12:18 PM

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