News Nation Logo
Banner

गांव में आज सबसे ज्यादा लोग इंटरनेट यूज कर रहे हैं, बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार को इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल-2020 (India International Science Festival 2020) का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान वो साइंस फेस्टिवल को संबोधित करेंगे.

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 22 Dec 2020, 05:17:49 PM
PM modi

पीएम मोदी साइंस फेस्टिवल को कर रहे संबोधित (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार को इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल-2020  (India International Science Festival 2020) का शुभारंभ किए. पीएम मोदी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की एक समृद्ध विरासत है. हमारे वैज्ञानिकों ने पथ-तोड़ शोध किया है. हमारा टेक उद्योग वैश्विक समस्याओं को हल करने में सबसे आगे है लेकिन भारत और अधिक करना चाहता है.

वैज्ञानिक शिक्षा के लिए भारत सबसे बड़ा केंद्र बनें

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे सभी प्रयास भारत को वैज्ञानिक शिक्षा के लिए सबसे भरोसेमंद केंद्र बनाने के उद्देश्य से हैं. इसके साथ ही, हम चाहते हैं कि हमारा वैज्ञानिक समुदाय वैश्विक प्रतिभाओं के साथ साझा और विकसित हो. कोई आश्चर्य नहीं कि भारत हैकथॉन की मेजबानी में सक्रिय हो गया है.

इसे भी पढ़ें:Air India ने यात्रियों को दी बड़ी राहत, टिकट को फ्री में करा सकेंगे री-शेड्यूल

त्योहार, उत्सव भारत की संस्कृति भी है और परंपरा भी

साइंस फेस्टिवल को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि त्योहार, उत्सव भारत की संस्कृति भी है और परंपरा भी है. आज हम विज्ञान को सेलिब्रेट कर रहे हैं. हम उस ह्यूमन स्प्रिट को भी सेलिब्रेट कर रहे हैं जो हमें लगातार इनोवेशन के लिए प्रेरित करती है.

अटल इनोवेशन मिशन शुरू किया गया

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों को कॉम्प्लिमेंट करने के लिए अटल इनोवेशन मिशन भी शुरु किया गया है. ये मिशन एक प्रकार से इंक्वायरी को, इंटरप्राइज को, इनोवेशन को सेलिब्रेट करता है.

और पढ़ें:नेहा कक्कड़ और रोहनप्रीत का नया गाना 'ख्याल रख्या कर' हुआ रिलीज, Video ने मचाई धूम

हाल में ही भारत ने वैभव समिट भी होस्ट की थी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हाल में ही भारत ने वैभव समिट भी होस्ट की थी. महीने भर चली इस समिट में पूरी दुनिया से भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और रिसर्चर को एक मंच पर इकट्ठा किया गया. इसमें करीब 23 हजार साथियों ने हिस्सा लिया, 700 घंटों से ज्यादा की डिस्कशन हुई.

उन्होंने आगे कहा कि बीते 6 साल में युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए देश में साइंस और तकनीक के उपयोग का विस्तार किया गया है. साइंस और तकनीक भारत में अभाव और प्रभाव के गैप को भरने का बहुत बड़ा ब्रिज बन रही है.

डिजिटल तकनीक के माध्यम से गरीब से गरीब को भी सरकार के साथ सीधे जोड़ा गया

पीएम मोदी ने आगे कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से गरीब से गरीब को भी सरकार के साथ सीधे जोड़ा गया है. डिजिटल तकनीक से सामान्य भारतीयों को ताकत भी दी है और सरकारी सहायता की सीधी तेज डिलिवरी का भरोसा दिया है.

गांव का गरीब किसान भी डिजिटल पेमेंट कर रहा है

आज गांव में इंटरनेट यूजर की संख्या शहरों से ज्यादा है. गांव का गरीब किसान भी डिजिटल पेमेंट कर रहा है. आज भारत की बड़ी आबादी स्मार्ट फोन आधारित ऐप से जुड़ चुकी है. आज भारत ग्लोबल हाईटेक पावर के इवोल्यूशन और रिवॉल्यूशन दोनों का सेंटर बन रहा है.

वैज्ञानिकों कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें बेहतर स्थिति में रखा है

पीएम मोदी ने आगे कहा कि विज्ञान व्यक्ति के अंदर के सामर्थ्य को बाहर लाता है. यही स्प्रिट हमने कोविड वैक्सीन के लिए काम करने वाले हमारे वैज्ञानिकों में देखी है. हमारे वैज्ञानिकों कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें बेहतर स्थिति में रखा है.

पीएम वाणी स्कीम की भी शुरुआत की गई है

हाल में डिजिटल इंडिया अभियान का और विस्तार करने के लिए पीएम वाणी स्कीम की भी शुरुआत की गई है. इससे पूरे देश में सबके लिए क्वालिटी वाई-फाई कनेक्टिविटी संभव हो जाएगी.

विश्व कल्याण के लिए विज्ञान थीम पर आधारित इस फेस्टिवल की शुरुआत 22 दिसंबर को प्रसिद्ध गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती से होगी और समापन 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर होगा. समापन कार्यक्रम को उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू संबोधित करेंगे.

First Published : 22 Dec 2020, 04:44:14 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.