logo-image
लोकसभा चुनाव

राष्ट्रपति अभिभाषण के बहिष्कार से साफ है हंगामाखेज रहेगा संसद का बजट सत्र

कांग्रेस नीत संयुक्त विपक्षी दलों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि शुक्रवार से शुरू होने जा रहा बजट सत्र काफी हंगामाखेज रहेगा.

Updated on: 29 Jan 2021, 08:01 AM

नई दिल्ली:

राष्ट्रपति (President) के अभिभाषण समेत संसद (Parliament) की संयुक्त बैठक के बहिष्कार का ऐलान कर कांग्रेस नीत संयुक्त विपक्षी दलों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि शुक्रवार से शुरू होने जा रहा बजट सत्र काफी हंगामाखेज रहेगा. किसान आंदोलन के नाम पर मोदी सरकार (Modi Government) को घेरने की कमर विपक्षी दल पहले ही कस चुके हैं. इसे धार देने का काम करेगा बालाकोट एयर स्ट्राइक की कथित जानकारी पत्रकार को लीक होने का मसला. इस बार कोरोना संक्रमण (Corona) के कारण संसद की कार्यवाही दो पारियों में चलेगी. साथ ही ऐसा भी पहली ही बार होगा कि बजट की कॉपी और आर्थिक सर्वेक्षण समेत अन्य दस्तावेज ऑनलाइन डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे. 

किसान आंदोलन पर विपक्ष घेरेगा सरकार को
शुक्रवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने संसद की संयुक्त बैठक व राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का ऐलान कर अपने तीखे तेवरों की झलक दे दी है. दो चरणों में होने वाले बजट सत्र के पहले चरण में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण के अलावा आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश होगा. सोमवार 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी. शुक्रवर को जहां लोकसभा स्पीकर सर्वदलीय बैठक का आयोजन करेंगे, वहीं आगामी 30 जनवरी शनिवार को सरकार सर्वदलीय बैठक का आयोजन करेगी. कांग्रेस सहित कई दल पहले ही किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन देने का फैसला कर चुके हैं. दूसरी ओर गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को विपक्ष किसान आंदोलन को कुचलने की मोदी सरकार की साजिश करार दे रहा है. विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा.

यह भी पढ़ेंः गाजीपुर बॉर्डर पर तनाव भरा सन्नाटा, आधी रात सुरक्षाकर्मी भी हटे

राज्यसभा सुबह तो लोकसभा शाम को बैठेगी
कोरोना संक्रमण के चलते इस बजट सत्र में संसद की कार्यवाही दो पारियों में चलेगी. राज्यसभा सुबह तो लोकसभा शाम को बैठेगी. गुरुवार को सत्र की शुरुआत के मद्देनजर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सत्र की तैयारियों का जायजा लिया था. लोकसभा सचिवालय ने कहा है कि इस बार बजट की कॉपी व अन्य दस्तावेज और आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखे जाने के बाद आनॅलाइन/डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे. यानी कागज की प्रतियां उपलब्ध नहीं होगी. इस बार सत्र में शून्यकाल व प्रश्नकाल दोनों ही आयोजित होंगे. पिछली बार मॉनूसन सत्र में कोविड-19 गाइडलाइन के चलते समय की कमी को देखते हुए प्रश्नकाल को नहीं चलाया गया था.

यह भी पढ़ेंः गाजीपुर तनाव: राहुल बोले- साइड चुनने का समय, प्रियंका ने लिखा- 'देशद्रोही'

इन अध्यादेशों पर रहेगा जोर
सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार इस सत्र में दो अध्यादेशों को कानून के रूप में पास कराने की कोशिश भी करेगी. हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अध्यादेश 2020, मध्यस्थता एवं सुलह संशोधन अध्यादेश 2020 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन अध्यादेश 2021 जारी किया गया था. बजट सत्र का पहला चरण 15 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू होकर 8 अप्रैल तक चलेगा.