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रविशंकर प्रसाद का बड़ा आरोप- शरद पवार को भी ब्रीफ करते थे परमबीर

रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि राज्य सरकार पर किसका दबाव था, शिवसेना, मुख्यमंत्री या शरद पवार का. उन्होंने कहा कि बीजेपी का सवाल ये है कि सदन के अंदर और बाहर सचिन वाजे के रोल को डिफेंड किया गया.

News Nation Bureau | Edited By : Karm Raj Mishra | Updated on: 21 Mar 2021, 01:51:29 PM
Ravi Shankar Prasad

Ravi Shankar Prasad (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • परमबीर सिंह के लेटर पर बीजेपी का हमला
  • महाराष्ट्र सरकार पर रविशंकर प्रसाद का वार
  • रविशंकर ने शरद पवार को भी लपेटा

नई दिल्ली:

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के लेटर बम से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार मुश्किल में आ गई है. उद्धव ठाकरे को भेजे गए आठ पेज के लेटर का असर सीधे मुकेश अंबानी केस पर तो पड़ेगा ही, इस लेटर से महाराष्ट्र में सरकार गिरने का भी खतरा बढ़ गया है. अब इस मामले में बीजेपी ने अघाड़ी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने सवाल किया कि सचिन वाजे सालों तक सस्पेंड था. वो सालों के बाद कोरोना काल में नियुक्त किया गया.

बीजेपी की तरफ से से पहला सवाल ये है कि उनकी नियुक्ति किसके दबाव में की गई. केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस की. प्रेस कांफ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि राज्य सरकार पर किसका दबाव था, शिवसेना, मुख्यमंत्री या शरद पवार का. उन्होंने कहा कि बीजेपी का सवाल ये है कि सदन के अंदर और बाहर सचिन वाजे के रोल को डिफेंड किया गया. जो 2008 से शिवसेना का मेंबर है उसे किसके दबाब में पुलिस फोर्स में शामिल किया गया.

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मुंबई के पूर्व कमिश्नर की चिट्ठी का जिक्र करते हुए पूछा कि 100 करोड़ रुपये क्यों मांगे जा रहे थे. उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी में उगाही करने की बात कही जा रही थी. केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि सचिन बाजे जब सस्पेंडेड थे, तो उन्हें कोरोनाकाल में नियुक्ति किसके दबाव में की गई. किसका दबाव था, शिवसेना, मुख्यमंत्री या शरद पवार का था. उन्होंने कहा कि सदन के अंदर और सदन के बाहर सचिन वाजे को डिफेंड किया गया. उन्होंने कहा कि जो वर्षों तक सस्पेंडेड रहा. 2008 से शिवसेना का मेंबर है उसे नियुक्त क्यों किया गया. 

शरद पवार पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने दूसरा सवाल किया कि शरद पवार का इसमें क्या रोल है. उन्होंने कहा कि शरद पवार सरकार के अंग नहीं हैं, तो पुलिस कमिश्नर उनको क्यों ब्रीफ कर रहा था. और शरद पवार ने इस मामले पर क्या कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि शरद पवार की खामोशी बहुत गंभीर सवाल उठाती है. रविशंकर प्रसाद ने इस दौरान उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने क्यों सदन के बाहर और सदन के अंदर सचिन वाजे को डिफेंड किया. उन्होंने कहा कि इस मामले में उद्धव ठाकरे की शांति क्या कहती है. 

उन्होंने कहा कि सचिन वाजे असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर है. इसको क्राइम सीआईडी का इंचार्ज दिया. उन्होंने कहा कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर की इतनी ताकत है कि उसको सीएम डिफेंड करता है सदन के अंदर, और होम मिनिस्टर कहता है कि तुम 100 करोड़ रुपया हमें उगाही करके दो. ये बहुत गंभीर विषय है. उन्होंने कहा कि इसकी इमानदारी के साथ जांच होनी चाहिए.

निष्पक्ष जांच की मांग की

रविशंकर प्रसाद ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही. उन्होंने कहा कि बीजेपी इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करती है. इसकी जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आ सकती है. उन्होंने चौथा सवाल पूछते हुए कहा कि सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपये की उगाही के अलावा और कितने गंदे काम कराए गए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने इतने वर्षों के राजनीतिक जीवन में आजतक नहीं देखा कि एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सीएम डिफेंड करे. उन्होंने सवाल किया कि सचिन वाजे को बचाने की क्या मजबूरी थी. उसके पेट में क्या-क्या राज छिपे हुए हैं. 

उन्होंने कहा कि यह पूरा षड़यंत्र बहुत बड़ा है. उन्होंने कहा कि पूरी महाराष्ट्र सरकार सचिन वाजे को बचाती है, क्योंकि उसके पास बहुत सारे राज हैं. उन्होंने सवाल किया कि गृहमंत्री अपने लिए वसूला कर रहे थे, या सरकार के लिए या अपनी पार्टी एनसीपी के लिए कर रहे थे. उन्होंने इस पर शरद पवार और उद्धव ठाकरे से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है. 

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महाराष्ट्र से कितने का टारगेट था

रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि यदि 100 करोड़ का टारगेट केवल मुंबई से था, तो पूरे महाराष्ट्र से कितने का टारगेट था. क्योंकि महाराष्ट्र एक बहुत बड़ा राज्य है और यहां काफी इंडस्ट्री है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने एक और गंभीर सवाल पूछा. उन्होंने पूछा कि यदि एक मंत्री से इतना टारगेट था, तो बाकी मंत्रियों से कितने का टारगेट था. इसकी भी जानकारी राज्य सरकार को देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक करप्शन नहीं है, ये ऑपरेशन लूट है. 

उद्धव पर जमकर लताड़ा

इस दौरान रविशंकर ने उद्धव ठाकरे से ना सिर्फ सवाल पूछे, बल्कि उनको जमकर लताड़ भी लगाई. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के पिता बालासाहेब ठाकरे ने जय महाराष्ट्र का नारा दिया था. उन्होंने काफी संघर्ष किया. रविशंकर ने उद्धव से पूछा कि बेइमानी से सरकार बनाकर अपने पिता की गरिमा को चोट पहुंचा रहे हैं. जहां उद्धव मुख्यमंत्री हैं, वहां करोड़ो रुपये की लूट हो रही है. उन्होंने कहा कि ये मामला सिर्फ अनिल देशमुख के इस्तीफे का नहीं है. बल्कि उद्धव सरकार शासन करने का अधिकार खो चुकी है.

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First Published : 21 Mar 2021, 01:50:17 PM

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