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Delhi-Mumbai Express-way: दिल्ली से मुंबई अब सिर्फ 13 घंटे में, इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए भी होंगी फोरलेन

Delhi-Mumbai Expressway Latest News : दिल्ली से मुंबई के बीच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के बनकर तैयार हो जाने से केवल समय ही नहीं बचेगा, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा. एक्सप्रेस-वे के किनारे नई औद्योगिक टाउनशिप और स्मार्ट सिटी बनाने का भी प्रस्ताव है.  

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 16 Sep 2021, 07:07:59 AM
delhi mumbai expressway

दिल्ली से मुंबई अब सिर्फ 13 घंटे में पहुंच जाएंगे (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • दिल्ली-मुंबई के बीच कम होगी 150 किमी दूरी
  • 2023 तक पूरा होगा एक्सप्रेस-वे का काम 
  • हर साल बचेगा करीब 32 करोड़ लीटर ईंधन

नई दिल्ली:

दिल्ली से मुंबई के बीच देश का सबसे आधुनिक एक्सप्रेस-वे तैयार हो रहा है. इस एक्सप्रेस-वे पर ना सिर्फ आम वाहनों के आने जाने के लिए दो-दो लेन होंगी बल्कि पहला ऐसा एक्सप्रेस-वे होगा जिस पर इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए भी चार लेन होंगी. करीब 1,350 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर करीब एक लाख करोड़ रुपए की लागत आएगी. वर्ष 2023 तक कंपलीट होने वाले इस एक्सप्रेस-वे पर अभी तक 350 किलोमीटर तक का काम हो चुका है. एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद दिल्ली से मुंबई तक का सफर 13 घंटे में पूरा हो सकेगा. वहीं दोनों शहरों के बीच की दूरी भी करीब 150 किमी कम हो जाएगी. एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल टाउनशिप और स्मार्ट शहर भी बनाए जाएंगे. 

हरियाणा कॉरिडोर का आज होगा निरीक्षण
भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाले देश के सबसे आधुनिक और महंगे एक्सप्रेसवे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के हरियाणा कॉरिडोर का मुआयना आज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करेंगे. इस एक्सप्रेस-वे में दोनों तरफ पहली बार दीवार बनाने का भी प्रावधान है. टाइगर रिजर्व के लिए जानवरों को देखते हुए भारत में पहली बार अंडरपास और ओवरपास भी होंगे. भविष्य की योजनाओं को देखते हुए इस एक्सप्रेस-वे के कुछ क्षेत्रों को आगे 12 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है. यह पूरा ग्रीन एक्सप्रेस से होगा जिसमें 40% धनराशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगी, सोलर लाइट , वाटर हारवेस्ट, एक्सेस कंट्रोल दूरी के आधार पर टोल कलेक्शन आदि सुविधाओं से लैस होगा.  

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हर साल बचेगा 32 करोड़ लीटर ईंधन 
इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद हर साल करीब 32 करोड़ लीटर ईंधन बचेगा. इससे सालाना 85 करोड़ किलो कार्बन डाई आक्ससाइड उत्सर्जन कम होगा. सुरक्षा के लिए सड़क के दोनों ओर 1.5 मीटर ऊंची दीवार बनेगी. टोल प्लाजा हाईवे के बजाए स्लिप लेन में बनेंगे, ताकि जिस शहर में जाएंगे, उतना ही टोल लगे. हर 2.5 किलोमीटर के बाद पशुओं के लिए ओवर पास बनाए जाएंगे.  

किस राज्य से कितना गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
मुंबई-दिल्ली के बीच 1350 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे देश के पांच राज्यों से होकर गुजरेगा. इसमें एनसीआर-हरियाणा में 137 किलोमीटर, राजस्थान में 374 किलोमीटर, मध्यप्रदेश में 245 किलोमीटर, गुजरात में 423 किलोमीटर और महाराष्ट्र में 171 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे होगा.

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एक्सप्रेस-वे पर ये होंगी सुविधाएं
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर कई और खासियतें होंगी. इसमें हर 50 किलोमीटर पर दोनों ओर फेसिलिटी सेंटर होंगे. वहां लोगों के उपयोग के लिए रेस्तरां, फूड कोर्ट, सुविधा स्टोर, ईंधन स्टेशन, ईवी चार्जिंग पॉइंट और शौचालय आदि होंगे. एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों के लिए 120 किमी/घंटे की स्पीड तय होगी. ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस-वे पर लाइटें सोलर पावर से चलेंगी.

First Published : 16 Sep 2021, 07:04:29 AM

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