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डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म की आय को लेकर NBA ने Google को लिखी चिट्ठी

डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म को लेकर न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBA) ने गूगल को चिट्ठी लिखी है. NBA ने पत्र के माध्यम से गूगल से अनुरोध किया है कि डिजिटल प्लेटफार्म को आय का ज्यादा हिस्सा मिलना चाहिए.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 10 Mar 2021, 08:00:13 PM
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NBA ने Google को लिखी चिट्ठी (Photo Credit: फाइल फोटो)

highlights

  • डिजिटल प्लेटफार्म ने कंटेंट में मौलिक रूप से बदलाव किया
  • न्यूज एजेंसियां एंकर, पत्रकार और रिपोर्टर पर करती हैं काफी निवेश 
  • NBA ने पत्र के माध्यम से गूगल से  किया ये अनुरोध 

नई दिल्ली:

डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म को लेकर न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBA) ने गूगल को चिट्ठी लिखी है. NBA ने पत्र के माध्यम से गूगल से अनुरोध किया है कि डिजिटल प्लेटफार्म को आय का ज्यादा हिस्सा मिलना चाहिए, क्योंकि लोगों तक विश्वसनीय खबरें पहुंचाने के लिए काफी खर्च करना पड़ता है. डिजिटल प्लेटफार्म ने अपने कंटेंट और डिस्टि्रब्यूट करने के तरीकों में मौलिक रूप से बदलाव किया है. देश की अधिकांश जनता खबरों के लिए डिजिटल प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रही है. इस वजह से ट्रेडिशनल मीडिया, न्यूज ऑर्गेनाइजेशन और डिजिटल टेक्निकल प्लेटफार्म के बीच असंतुलन हो गया है.  

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न्यूज ऑर्गेनाइजेशन विश्वसनीय खबरों के लिए अपने एंकर, पत्रकार और रिपोर्टर पर काफी निवेश करती हैं, लेकिन इसका रिटर्न नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि विज्ञापन के पैसे का अधिकांश हिस्सा मध्यस्थ प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म (बिचौलिए टेक्निकल प्लेटफॉर्म) जैसे Google, YouTube, Facebook आदि के पास चला जाता है.

डिजिटल प्लेटफार्म की खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए गूगल मध्यस्थ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इस वक्त डिजिटल प्लेटफार्म पर आने वाले विज्ञापन आय में पारदर्शिता नहीं है, जिससे डिजिटल प्लेटफार्म को अपने बिजनेस में काफी दबाव झेलना पड़ रहा है. विज्ञापन ही न्यूज एजेंसियों की रीढ़ है. अगर डिजिटल को विज्ञापन से आय का अधिकांश हिस्सा नहीं मिलेगा तो उन्हें न्यूज कवर करने में यानी बिजनेस में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए आय का अधिकांश हिस्सा न्यूज एजेंसियों को मिलना चाहिए.

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ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने इसी पर अपनी अपनी संसद में कानून बनाया है. यह कानून गूगल, फेसबुक और अन्य टेक्निकल एजेंसी के लिए बनाया गया है. इसके तहत हाई क्वालिटी न्यूज कंटेंट देने वाली डिजिटल प्लेटफार्म को ज्यादा आय होगी. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और स्वतंत्र पत्रकारिता का हित में भी यह महत्वपूर्ण है. इसलिए न्यूज पब्लिशर, बॉडकास्टर, डिजिटल प्लेटफार्म और बिचौलियों के बीच पारदर्शिता जरूरी है. जाहिर है कि टेक्निकल और न्यूज एजेंसियों के बीच समानता हो. एनबीए ने उम्मीद जताई है कि गूगल भारत में भी न्यूज एजेंसी के मालिकों के साथ समान मानदंडों को लागू करेगा. एनबीए ने गूगल से अनुरोध किया है कि इस मामले को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम बैठक कर चर्चा होनी चाहिए.

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First Published : 10 Mar 2021, 08:00:13 PM

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