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सीबीआई, ईडी के दुरुपयोग के पीछे पीएम मोदी का हाथ नहीं... दीदी का पलटा मन

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 19 Sep 2022, 10:11:47 PM
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प. बंगाल विधानसभा में सीबीआई, ईडी के खिलाफ प्रस्ताव पारित. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीबीआई और ईडी के खिलाफ प्रस्ताव पारित
  • ममता ने कहा पीएम मोदी केंद्र सरकार और पार्टी हितों में टकराव नहीं होने दें
  • सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी के 99 फीसद कार्यकर्ता हैं भ्रष्ट

कोलकाता:  

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राज्य में केंद्रीय एजेंसियों की कथित सक्रियता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं. हालांकि टीएमसी सुप्रीमो ने भाजपा के कुछ राजनेताओं पर ईडी जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिये अपने हितों को आगे बढ़ाने का आरोप जरूर लगाया. दीदी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की ज्यादतियों के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि केंद्र सरकार का एजेंडा और उनकी पार्टी के हितों में परस्पर टकराव न हो. हालांकि भाजपा के विरोध के बावजूद केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ प्रस्ताव विधानसभा में पारित हो गया.

आज ही ईडी ने जब्त की टीएमसी नेताओं की संपत्तियां
प्रस्ताव पर बहस करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि पार्टी के 99 प्रतिशत कार्यकर्ता ईमानदार हैं, लेकिन मेरे पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि लगभग 99 प्रतिशत टीएमसी नेता भ्रष्ट हैं. 'गौरतलब है ममता बनर्जी का यह बयान उस दिन आया है जब प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती घोटाले में उनके पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनके सहयोगियों की 48 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है. ईडी ने एक बयान में बताया है कि जब्त की गई संपत्तियों में 40.33 करोड़ रुपये का एक फार्महाउस, फ्लैट और कोलकाता के पॉश इलाकों में 40 अचल संपत्तियां शामिल हैं.

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सीबीआई और ईडी कर रही हैं कई मामलों में जांच
ममता ने प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि एजेंसियों के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ है. उन्होंने कहा, 'मौजूदा केंद्र सरकार तानाशाही तरीके से व्यवहार कर रही है. यह प्रस्ताव किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के पक्षपातपूर्ण कामकाज के खिलाफ है.' इस पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सीबीआई और ईडी के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव विधानसभा के नियमों और विनियमों के खिलाफ है. हालांकि प्रस्ताव बाद में विभाजन से पारित हो गया, जिसके पक्ष में 189 और विरोध में 69 मत पड़े. गौरतलब है कि सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां ​​राज्य में कई मामलों की जांच कर रही हैं, जिनमें टीएमसी के वरिष्ठ नेता आरोपी हैं.

First Published : 19 Sep 2022, 10:11:47 PM

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