News Nation Logo
Banner

भारत-चीन तनाव के बीच 6ठी बार आज भारत-चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारी होंगे आमने-सामने

भारत और चीन (India-China) के शीर्ष सैन्य कमांडर छठी बार फिर सोमवार को मोल्डो (Moldo) में बैठक करेंगे. इसमें सीमा विवाद पर खास तौर से पूर्वी लद्दाख (Ladakh) की पैंगोंग झील (Pangong Tso) इलाके पर चर्चा होगी.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 21 Sep 2020, 06:52:18 AM
India China Commander Talks

सीमा पर तनाव के बीच छठी बार आमने-सामने होंगे भारत-चीन सैन्य अधिकारी. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

भारत और चीन (India-China) के शीर्ष सैन्य कमांडर छठी बार फिर सोमवार को मोल्डो में बैठक करेंगे. इसमें सीमा विवाद पर खास तौर से पूर्वी लद्दाख (Ladakh) की पैंगोंग झील (Pangong Tso) इलाके पर चर्चा होगी. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस बार की बैठक में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल सदस्य के रूप में शामिल होंगे. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व 14वें कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे. दो मेजर जनरल अभिजीत बापट और पदम शेखावत भी उनके साथ बैठक में हिस्सा लेंगे.

यह भी पढ़ेंः दिल्ली में बीच रास्ते पर गाड़ी में अचानक लगी आग, झुलसा ड्राइवर

चीन पर होगा पीछे हटने का दबाव
इस वार्ता में 10 सितंबर को मास्को में भारत एवं चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हुए समझौते के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है. एक सूत्र ने कहा, 'हम टकराव के सभी बिंदुओं से चीनी बलों को शीघ्र एवं पूरी तरह पीछे हटाने पर जोर देंगे. यह सीमा पर शांति स्थापित रखने की दिशा में पहला कदम है.' भारत-चीन के बीच होने वाली इस कमांडर स्तर की वार्ता से पहले शनिवार को भारतीय सेना की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक में एनएसए अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत आला अधिकारी शामिल हुए थे. इस बैठक में भारत की तरफ से चीन के सामने कौन-कौन से मुद्दे उठाए जाएंगे ये तय किया गया था.

यह भी पढ़ेंः कृषि बिल पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- ये काला दिन है, सरकार ने किसानों के पीठ में खंजर घोप दिया

15 जून को हुई थी हिंसक झड़प
उल्लेखनीय है कि 15 जून की रात गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. चीन के अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने इस बात की पुख्ता जानकारी दी थी कि गलवान घाटी में चीन की सेना को भारी नुकसान पहुंचा था और कई जवानों की मौत हो गई थी. इसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे और लगभग दो गुने चीनी सैनिक भी मारे गए थे. 

यह भी पढ़ेंः राम विलास पासवान आईसीयू में भर्ती, चिराग ने कार्यकर्ताओं को लिखा भावुक पत्र

भारतीय सेना तैनात
एलएसी पर तनातनी और वॉर की आशंका के मद्देनजर भारतीय सेना के हौसले पूरी तरह से बुलंद है. दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख तक पूरी तरह तैयार है. वहीं, सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे राज्य की सुरक्षा स्थिति और सुरक्षा बलों के ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को श्रीनगर और जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे थे.

First Published : 21 Sep 2020, 06:52:18 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो