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राज्यसभा की 57 सीटों पर 10 जून को होगा मतदान, भाजपा बहुमत से रहेगी दूर

चुनाव आयोग ने गुरुवार को राज्यसभा की 57 सीटों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा की. आयोग ने कहा कि 15 राज्यों की 57 सीटों के लिए 10 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी. इस चुनाव से भाजपा को फायदा तो होगा,

Updated on: 13 May 2022, 12:13 AM

highlights

  • आप और डीएमके की राज्यसभा में बढ़ेगी ताकत
  • भाजपा भी राज्यसभा में पहले से ज्यादा होगी मजबूत
  • 2024 से पहले भाजपा को नहीं मिलेगी बहुमत

नई दिल्ली:

चुनाव आयोग ने गुरुवार को राज्यसभा की 57 सीटों के लिए चुनाव (Rajya Sabha) की तारीखों की घोषणा की. आयोग ने कहा कि 15 राज्यों की 57 सीटों के लिए 10 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी. इस चुनाव से भाजपा (BJP) को फायदा तो होगा, लेकिन उच्‍च सदन में पार्टी बहुमत से दूर ही रहेगी. वहीं, कांग्रेस की बात करें तो इस चुनाव के बाद भी उच्‍च सदन में विपक्षी पार्टी का रुतबा कायम रहेगा. इसके अलावा 9 निश्चित और एक संभावित सीट के साथ आम आदमी पार्टी राज्यसभा में बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आएगी. अपने इस प्रदर्शन के साथ AAP उच्‍च सदन की टॉप 5 पार्टियों में शामिल हो जाएगी.

बहुमत से अभी दूर रहेगी भाजपा
राष्ट्रपति चुनाव से पहले होने वाले राज्यसभा के ये चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि केंद्र में सत्तासीन भाजपा (BJP) फिलहाल उच्च सदन में 95 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है और चुनाव के बाद वह 100 का आंकड़ा पार कर सकती है. हालांकि, इसके बाद भी भाजपा बहुमत से दूर रहेगी. गौरतलब है कि राज्यसभा में मनोनीत सांसदों के सात सीटें भी इस वक्त खाली पड़ी हैं. माना जा रहा है कि चुनाव के इस चरण के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) की ताकत राज्यसभा में बढ़ेगी. गौरतलब है कि इसके बाद राज्यसभा चुनावों का अगला दौर अप्रैल 2024 में होगा. इस दौरान एनडीए का बहुमत इस बात पर निर्भर करेगा कि गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहता है.

इन दिग्गजों का कार्यकाल हो रहा है खत्म
 जून-अगस्त के बीच राज्यसभा के जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी शामिल हैं. इसलिए मंत्री बने रहने के लिए इनका फिर से चक्कर आना जरूरी होगा. वहीं, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के पी. चिदम्बरम, कपिल सिब्बल, जयराम रमेश और अंबिका सोनी जैसे दिग्गजों नेताओं का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. ऐसे में पार्टी उन्हें भी दोबारा सदन में लाने की पुरजोर कोशिश करेगी.

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सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 11 सीटों के लिए होगा मतदान
आयोग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इसके लिए 27 मई को अधिसूचना जारी की जाएगी. नामांकन की अंतिम तिथि 31 मई होगी और 1 जून को स्क्रूटनी होगी. इसके बाद 10 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन वोटों की गिनती शाम 5 बजे शुरू होगी. दरअसल, 15 राज्यों से चुने गए 57 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल जून से अगस्त तक समाप्त होने वाला है. इनमें उत्तर प्रदेश के 11, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के छह-छह, बिहार के पांच, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान के चार-चार, मध्य प्रदेश और ओडिशा के तीन-तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड और हरियाणा के दो-दो और उत्तराखंड से एक सांसद शामिल हैं. पोल पैनल ने कहा कि सभी 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है कि चुनाव कराने की व्यवस्था करते समय कोविड-19 रोकथाम उपायों के बारे में मौजूदा निर्देशों का पालन किया जाए.