News Nation Logo
Banner

कांग्रेस के करीबी बिचौलिए राजीव सक्सेना की 385 करोड़ रुपये की संपत्ति ED ने कुर्क की

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि उसने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में सक्सेना की दुबई (Dubai) के पाम जुबेरिया में एक विला सहित 385 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 30 May 2020, 08:24:33 AM
Rajiv Saxena Agusta Westland

कांग्रेस पर भी दायरा कसेगा ईडी की जांच में. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के भतीजे पर भी लटकी है तलवार.
  • राजीन सक्सेना का दुबई विला समेत कई बैंक खाते ईडी ने किए अटैच.
  • जांच के दौरान राजीन सक्सेना पर हवाला कारोबार से संबंध उजागर.

नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड सौदे के कथित बिचौलिए राजीव सक्सेना (Rajiv Saxena) की 385 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि उसने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में सक्सेना की दुबई (Dubai) के पाम जुबेरिया में एक विला सहित 385 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी ने अगस्ता वेस्टलैंड (Agusta Westland) हेलिकॉप्टर घोटाला और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत सक्सेना की 385.44 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के लिए अलग-अलग अटैचमेंट आदेश जारी किए.

यह भी पढ़ेंः पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा जनता के नाम पत्र, कहा- गरीबों का जीवन आसान बनाने के लिए सरकार को बदलते देखा है

उन्होंने कहा कि कुर्क की गई संपत्ति में पाम जुमेरा में विला, दुबई स्थित एक विला, जिसका मूल्य दो करोड़ अरब अमीरात दिरहम (एईडी) है और स्विस बैंक के पांच खातों में जमा 4.555 करोड़ अमेरिकी डॉलर शामिल हैं. सक्सेना को अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर स्कैम के मामले में एक जनवरी, 2019 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया और उसे पीएमएलए के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था. ईडी ने अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर घोटाले और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज अलग-अलग एफआईआर के आधार पर सक्सेना से पूछताछ शुरू की है.

यह भी पढ़ेंः  अमेरिका ने WHO को छोड़ा, डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा- इस संगठन पर चीन का कब्‍जा

एजेंसी ने कहा कि सीबीआई ने मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ एक अलग प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें रतुल पुरी, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे, अज्ञात लोक सेवक और अज्ञात निजी व्यक्ति शामिल हैं. इन पर बैंक धोखाधड़ी मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. ईडी के अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि सक्सेना एक हवाला ऑपरेटर था, जो मैट्रिक्स समूह की कंपनियों के रूप में जानी जाने वाली कई कंपनियों के माध्यम से दुबई में कारोबार चलाता था. अधिकारी ने बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में सक्सेना की भूमिका सामने आई है.

First Published : 30 May 2020, 08:24:33 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

×