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लक्खा सिधाना पर पुलिस ने रखा एक लाख का इनाम, अभी चल रहा फरार

दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को बाद में लाल किले की हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है. शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम घटना को रीक्रिएट के लिए इन्हें घटनास्थल पर ले गई थी.

By : Shailendra Kumar | Updated on: 14 Feb 2021, 08:27:03 PM
Delhi Police announce Rs 1 lakh cash reward for information on Lakha Sidhana

लक्खा सिधाना पर पुलिस ने रखा एक लाख का ईनाम (Photo Credit: IANS)

highlights

  • लाल किला हिंसा के आरोपी लक्खा सिधाना पर पुलिस ने घोषित किया इनाम.
  • दिल्ली पुलिस ने लक्खा सिधाना पर एक लाख का इनाम घोषित किया.
  • दिल्ली में हिंसा के बाद से फरार चल रहा लक्खा सिधाना.

नई दिल्ली :

गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को लाल किला हिंसा मामले में फरार मुख्य आरोपी लखबीर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये इनाम का ऐलान किया है. घटना के बाद से दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल गैंगस्टर से सामाजिक कार्यकर्ता बने सिधाना के तलाश में जुटी है और इसी सिलसिले में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में लगातार छापेमारी की जा रही है. 26 जनवरी को हुई हिंसा की घटना में शामिल होने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने हिंसा में शामिल होने के आरोप में दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का ईनाम रखा है. इसके अलावा, जगबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह पर 50,000 रुपये नकद ईनाम देने का ऐलान किया गया है.

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बहरहाल, दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को बाद में लाल किले की हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है. शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम घटना को रीक्रिएट के लिए इन्हें घटनास्थल पर ले गई थी.

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 दिल्ली हिंसा का आरोपी लक्खा सिधाना ने चिंता दीप सिद्धू की गिरफ्तारी के बाद फेसबुक पर लाइव आकर चिंता जताई. लक्खा ने कहा कि किसान आंदोलन पंजाब से उठा था, लेकिन आज यह दूसरे हाथों में जा रहा है. किसान संगठन बिखर रहे हैं, उन्हें एक साथ आकर आंदोलन को मजबूत करना चाहिए. फेसबुक के माध्यम से लक्खा सिधाना ने कहा कि हरियाणा और राजस्थान के लोग किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए महापंचायत कर रहे हैं, लेकिन पंजाब में यही सोचा जा रहा है कि कौन गलत है और कौन सही. कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन की पहली आवाज पंजाब से उठी थी. इसके बाद पंजाब की 31 किसान संगठन एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने लग गई थीं, लेकिन दिल्ली हिंसा के बाद पंजाब में आंदोलन बिखर गया है. 

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First Published : 14 Feb 2021, 06:15:37 PM

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