News Nation Logo

26 मई को बंगाल-ओडिशा से टकरा सकता है चक्रवाती तूफान 'यास', हाई अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र को देखते हुए चक्रवाती तूफान यास के 26 मई को बंगाल और ओडिशा के तट से गुजरने की आशंका जताई गई है. इससे निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अपने दलों की तैनाती शुरू कर दी है.

Written By : उदय प्रताप सिंह | Edited By : Karm Raj Mishra | Updated on: 22 May 2021, 10:51:00 AM
Cyclone Yaas

Cyclone Yaas (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • ताउते के बाद देश पर यास का खतरा
  • बंगाल-ओडिशा में हाई अलर्ट जारी
  • NDRD और SDRF ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली:

चक्रवाती तूफान ताउते (tauktae) के कहर मचाने के बाद अब चक्रवाती तूफान यास (YAAS) का खतरा मंडराने लगा है. इसे लेकर पश्चिम बंगाल  (West Bengal) और ओडिशा (Odisha) के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र को देखते हुए चक्रवाती तूफान यास के 26 मई को बंगाल और ओडिशा के तट से गुजरने की आशंका जताई गई है. इससे निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अपने दलों की तैनाती शुरू कर दी है.

ये भी पढ़ें- जमुई: वेंटीलेटर के अभाव में सदर अस्पताल में कोरोना मरीजों की हो रही है मौत

मौसम विभाग का कहना है कि 26 और 27 मई को साइक्‍लोन यास देश के पूर्वी तटीय इलाकों में दस्‍तक दे सकता है. इसके लिए अभी तक महाराष्‍ट्र और गुजरात में जो एनडीआरएफ टीमें तैनात थीं, उन्‍हें अब हवाई मार्ग से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भेजा जा रहा है.ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तूफान का असर होने के अलावा अंडमान निकोबार द्वीपसमूह और पूर्वी तट के जिलों में तेज बारिश हो सकती है और बाढ़ के हालात भी पैदा हो सकते हैं.

बंगाल में प्रशासन तैयार

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने भारतीय नौसेना एवं भारतीय तट रक्षक बल से स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है. तूफान की चेतावनी मिलते ही बंगाल के दीघा, हल्दिया और आस पास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं. लगातार प्रशासनिक बैठक की जा रही है. माइकिंग कर लोगों को समंदर से दूर रहने की लगातार चेतावनी दी जा रही है.

ओडिशा में भी प्रशासन अलर्ट

'यास' तूफान को लेकर ओडिशा के मुख्य सचिव एससी मोहपात्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि यदि चक्रवात ‘यास’ का राज्य पर कोई प्रभाव पड़ता है तो राज्य सरकार ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है. उन्होंने कहा कि हालांकि अब तक मौसम विभाग ने चक्रवात के संभावित, मार्ग, इसकी गति, तट से टकराने का स्थान आदि के बारे में जानकारी नहीं दी है, फिर भी सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.

ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र: पिछले 24 घंटे में कोरोना के 29644 नए केस आए सामने, 555 की मौत  

केंद्र ने राज्यों को दी सलाह

केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं तथा संसाधनों का भंडार रखा जाए ताकि यास तूफान के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. चक्रवाती तूफान यास इस महीने के आखिर में देश के पूर्वी तटीय क्षेत्र में दस्तक दे सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को यास की जानकारी देते हुए कहा था कि 22 मई को उत्तरी अंडमान सागर और आसपास की पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.

'ताउते' ने बिगाड़ा कई प्रदेशों का मौसम

'ताउते' तूफान के प्रभाव से कई प्रदेशों में भारी बरसात दर्ज हुई है. सीधे प्रभाव में आए प्रदेशों के अलावा दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश हुई है. दिल्ली में तो मई महीने की बारिश का 120 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 22 May 2021, 10:31:43 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.