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क्या देश में 'कोरोना पीक' आना बाकी? 23 जनवरी को आ सकते हैं सबसे ज्यादा मामले 

आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान देश में सात लाख से ज्यादा मामले आ सकते है.

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Saxena | Updated on: 18 Jan 2022, 08:40:01 AM
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क्या कोरोना पीक आना है बाकी? (Photo Credit: file photo)

highlights

  • देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,73,80,253 तक पहुंच गई है
  • ‘ओमिक्रॉन’ स्वरूप के 8,209 मामले मिले हैं
  • 3,109 लोग संक्रमण मुक्त हो गए हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं

नई दिल्ली:  

देश में अभी भी 'कोरोना पीक' आना बाकी है. इसे लेकर विशेषज्ञ कई दावे कर रहे हैं. आईआईटी कानुपर के ‘सूत्र’ मॉडल की मानें तो जनवरी अंत तक कोरोना अपने चरम पर होगा. वहीं फरवरी अंत तक मौजूदा लहर खत्म हो जाएगी. हाल की स्थिति को देखकर लगता है कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं. मगर नए आंकलनों की मानें, तो भारत में कोविड-19 का चरम अब आगामी 23 जनवरी को आ सकता है.

ऐसा कहा, जा रहा है कि इस दौरान देश में सात लाख से ज्यादा मामले आने की उम्मीद है. भारत में एक दिन में कोरोना वायरस के 2,58,089 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,73,80,253 तक पहुंच गई है.

यहां पर संक्रमण के कुल मामलों में कोरोना वायरस के ‘ओमिक्रॉन’ स्वरूप के 8,209 मामले मिले हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सोमवार  को सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 29 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में अभी तक कोरोना वायरस के ‘ओमिक्रॉन’ स्वरूप के 8,209 मामले मिले हैं. इनमें से 3,109 लोग संक्रमण मुक्त हो गए हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं.

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IIT कानपुर ने कोरोना के चरम को लेकर किया दावा

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल के अनुसार फरवरी के  अंत तक भारत में कोरोना वायरस की मौजूदा लहर लगभग खत्म होने की उम्मीद है. आईआईटी कानपुर के ‘सूत्र’ मॉडल के अनुसार जनवरी के आखिरी हफ्ते में देश में कोरोना संक्रमण अपने चरम पर होगा. वहीं,  प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल का कहना है कि देश के मेट्रो सिटी को लेकर सूत्र मॉडल में जो आंकलन तय किया गया था, वो सही नहीं रहे. इसके पीछे उन्होंने कोरोना टेस्ट की नई गाइडलाइन को जिम्मेदार ठहराया. इसकी वजह से परीक्षण  कम हो रहे हैं और इसीलिए मामले में भी कमी आ रही है. उदहारण के तौर पर दिल्ली में कोरोना संक्रमण का चरम 15 से 16 जनवरी तक बताया गया था. गणितीय मॉडल के अनुसार इस वक्त रोज करीब 45 हजार मरीज आने थे. मगर संक्रमित मरीजों की संख्या 28 हजार के करीब ही रही.

 

First Published : 18 Jan 2022, 08:30:23 AM

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