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महंत नरेंद्र गिरि के विवादित शिष्य आनंद गिरि को पुलिस ने हिरासत में लिया

संदिग्ध मौत से पर्दा हटाने के लिए पुलिस ने हरिद्वार से उनके शिष्य और मुख्य आरोपी आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया है.

News Nation Bureau | Edited By : Pradeep Singh | Updated on: 20 Sep 2021, 11:09:29 PM
Anand Giri

आनंद गिरि (Photo Credit: News Nation)

नई दिल्ली:

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के विवादित शिष्य आनंद गिरि को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उत्तराखंड पुलिस ने उसे हरिद्वार में हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. महंत नरेंद्र गिरि का शव आज यानी सोमवार को प्रयागराज में स्थित बाघंबरी मठ में फांसी से लटकता मिला था. मौके पर पहुंची पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है. पुलिस को मौके से 6-7 पन्नों का सुसाइड बरामद हुआ है. जिसमें साफ तौर पर महंत ने अपने विवादित शिष्य आनंद गिरि का नाम भी लिखा है.

संदिग्ध मौत से पर्दा हटाने के लिए पुलिस ने हरिद्वार से उनके शिष्य और मुख्य आरोपी आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया है. दो अन्य को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने बड़े हनुमान मंदिर के महंत के पुत्र संदीप को भी हिरासत में लिया है. सूत्रों का कहना है कि हत्या और आत्महत्या की गुत्थी अब सुलझाने के लिए  पुलिस ने जांच के लिए मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया है. अब वहां से सुराग और सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इसे आत्महत्या बताया है. IG रेंज केपी सिंह ने बताया कि वह मौके पर पहुंच गए हैं. फिलहाल यह फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला लग रहा है. 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत पर अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रनंद सरस्वती ने गंभीर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा है कि, "नरेंद्र गिरी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते और जहां तक सुसाइड नोट की बात है वह अपना हस्ताक्षर ही ठीक से नहीं कर पाते थे तो आखिर इतना लंबा सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा जो व्यक्ति सुसाइड करेगा वह 2 दिन पहले दान में एक बड़ी बिल्डिंग को स्वीकार नहीं करेगा. ऐसे में इसके पीछे साजिश की बू आ रही है. अखिल भारतीय संत समिति की तरफ से मैं  प्रदेश सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग करता हूं."   

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंथ नरेंद्र गिरि की मौत को आध्यात्मिक जगत की अपूर्णनीय क्षति बताया है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर  श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि, "मैं महंत नरेंद्र गिरि की मौत से स्तब्ध हूं. भगवान उनके शिष्यों और शुभचिंतकों को यह दुख सहने की शक्ति दें. मैं पुलिस के आलाधिकारियों से आनंद गिरि की हिरासत संबंधित जानकारी लूंगा."

यह भी पढ़ें:अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत, कमरे से मिला सुसाइड नोट

स्वामी रामदेव ने महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या को अस्वीकार्य मानते हुए कहा कि यह बहुत बड़ी साजिश लगती है.

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की लाश बाघंबरी मठ में उनके कमरे में नाईलोन की रस्सी के फंदे पर लटकते मिली थी. पुलिस को इस बारे में शाम करीब 5 बजकर 20 मिनट पर सूचना मिली थी. पुलिस के मुताबिक बाघंबरी मठ में जहां महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे से लटकता मिला, वहां चारों तरफ से दरवाजे बंद थे. कमरे का मुख्य दरवाजा भी अंदर से बंद था. 

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंचे अधिकारियों के अनुसार नरेंद्र गिरी उन्हें जिस कमरे में सुसाइड किया है. वह दरवाजा बंद था, अनुयायियों की सूचना पर दरवाजा तोड़कर नरेंद्र गिरि का शव निकाला गया. मौके से सुसाइड नोट मिला है. सल्फास खाने की जो बात सामने आ रही है, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.

HIGHLIGHTS

  • पुलिस ने हरिद्वार से उनके शिष्य और मुख्य आरोपी आनंद गिरि को हिरासत में लिया
  • अखिल भारतीय संत समिति के स्वामी जितेंद्रनंद सरस्वती ने गंभीर सवाल उठाए
  • पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इसे आत्महत्या बताया है

First Published : 20 Sep 2021, 09:21:38 PM

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