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अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने किया राजनाथ सिंह को फोन, भारत को देंगे प्राथमिकता

अमेरिका के नए रक्षा मंत्री जनरल लायड आस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन कर दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के इरादे जाहिर कर दिए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 28 Jan 2021, 06:57:29 AM
Rajnath Singh Lloyd Austin

अमेरिकी-भारतीय रक्षा मंत्री ने देर शाम की फोन पर बात. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:  

20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद जो बाइडन (Joe Biden) प्रशासन ने कूटनीतिक स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है. बाइडन प्रशासन ने सत्ता संभालने के साथ ही भारत के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को और आगे बढ़ाने के अपने इरादों के साफ संकेत दिए हैं. अमेरिका के नए रक्षा मंत्री जनरल लायड आस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को फोन कर दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के इरादे जाहिर कर दिए हैं. इसके तहत रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने अपने समकक्षों राजनाथ सिंह और अजीत डोभाल के साथ भारत-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग और स्थिरता पर चर्चा की. माना जा रहा है कि जल्दी ही राष्ट्रपति बाइडन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करेंगे. 

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पहली उच्च स्तरीय बातचीत
पिछले सप्ताह जो बाइडन के अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद दोनों पक्षों के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बातचीत थी. राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि वार्ता के दौरान भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया गया. उन्होंने कहा, 'हमने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया. हमने अपनी सामरिक भागीदारी को मजबूत बनाने के वास्ते पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.' हालांकि अभी तत्काल यह पता नहीं चल सका है कि भारत और चीन के बीच चल रहे पूर्वी लद्दाख गतिरोध पर वार्ता के दौरान चर्चा हुई है या नहीं. टेलीफोन के जरिए हुई पहली बातचीत में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई. रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.

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सामूहिक चुनौतियों का सामना करने की जरूरत
वहीं, विदेश मंत्रालय ने डोभाल और सुलिवन की बातचीत के बाद बताया कि भारत और अमेरिका ने कोविड-19 के बाद के दौर में सामूहिक रूप से चुनौतियों का सामना करने की जरूरतों पर चर्चा की. इसके अलावा, दोनों ही बातचीत के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आतंकवाद और स्थिरता जैसे प्रमुख मुद्दों पर बारीकी से काम करने के लिए भी सहमत हुए. अमेरिकी सरकार ने इस बातचीत को लेकर जारी आधिकारिक बयान में भारत-प्रशांत क्षेत्र पर चर्चा करने की जानकारी दी है. माना जा रहा है कि विश्व के अन्य नेताओं से जो बाइडन की हो रही बातचीत के तहत वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत करेंगे. इससे पहले राजनाथ सिंह ने पहले अफ्रीकी-अमेरिकी रक्षा सचिव बनने पर ऑस्टिन को बधाई दी थी. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर द हिंदू की पत्रकार सुहासिनी हैदर ने दिलचस्प जानकारी शेयर की है. उन्होंने एक ट्वीट कर बताया है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बातचीत में भारत को अहमियत दी है. उन्होंने बताया है कि शपथग्रहण समारोह के बाद ऑस्टिन ने सबसे पहले जिन देशों से बातचीत की थी उनमें नाटो देश शामिल थे. इसके बाद अमेरिका ने भारत को प्राथमिकता दी है.

First Published : 28 Jan 2021, 06:57:29 AM

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