पाक सेना और आतंकियों का 'नेक्सस' बेनकाब, लश्कर के डिप्टी चीफ ने स्कूल के मंच से कबूला पाकिस्तानी आर्मी से रिश्ता

लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने सार्वजनिक मंच से पाकिस्तानी सेना से अपने संगठन के रिश्तों को स्वीकार किया है. बच्चों के स्कूल में दिए गए भाषण का वीडियो सामने आया है. भारत पहले से पाकिस्तान पर राज्य प्रायोजित आतंकवाद का आरोप लगाता रहा है.

लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने सार्वजनिक मंच से पाकिस्तानी सेना से अपने संगठन के रिश्तों को स्वीकार किया है. बच्चों के स्कूल में दिए गए भाषण का वीडियो सामने आया है. भारत पहले से पाकिस्तान पर राज्य प्रायोजित आतंकवाद का आरोप लगाता रहा है.

author-image
Ravi Prashant
New Update
Saifullah Kasuri link with pak army

लश्कर डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी Photograph: (X/@OsintTV/wiki)

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba के दूसरे सबसे अहम लीडर सैफुल्लाह कसूरी ने पहली बार खुले मंच से संगठन और पाकिस्तानी सेना के रिश्तों को स्वीकार किया है. यह बयान पाकिस्तान के एक बच्चों के स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां वह छात्रों और स्थानीय लोगों को संबोधित कर रहा था. उसके भाषण का वीडियो अब सामने आया है, जिसे भारतीय खुफिया सूत्रों ने प्रमाणिक बताया है.

Advertisment

वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी लाल गुब्बारों से सजे मंच पर खड़ा दिखाई देता है. पीछे स्कूल का आंशिक लोगो भी नजर आता है. भाषण के दौरान वह कहता है कि पाकिस्तानी सेना उसे अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ाने के लिए आमंत्रित करती है और दावा करता है कि भारत भी उससे डरता है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के पीछे इसी आतंकी संगठन का हाथ बताया गया है.

बच्चों के स्कूल में आतंक का मंच

किसी सभ्य समाज में किसी आतंकी संगठन के नेता का बच्चों के स्कूल में भाषण देना अकल्पनीय माना जाता है. लेकिन पाकिस्तान में यह घटना सामने आई है, जहां लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ को न केवल सार्वजनिक मंच मिला बल्कि उसने खुलेआम युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की. यह घटनाक्रम पाकिस्तान में कट्टरपंथ और आतंकी ढांचे को मिलने वाले संरक्षण की ओर इशारा करता है.

बार-बार पाकिस्तान होता है एक्सपोज

भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर राज्य प्रायोजित आतंकवाद का आरोप लगाता रहा है. सैफुल्लाह कसूरी का बयान इन आरोपों को और मजबूती देता है. इससे पहले भी भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आतंकी संगठनों को समर्थन देती हैं. वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भी पाक सेना और आतंकियों की मिलीभगत के उदाहरण सामने आए थे.

लश्कर और जैश की नई तैयारी

बता दें कि भारत की Operation Sindoor के छह महीने बाद पाकिस्तान समर्थित आतंक गतिविधियों में तेजी देखी गई है. रिपोर्ट के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा और Jaish-e-Mohammed जम्मू-कश्मीर में नए समन्वित हमलों की तैयारी कर रहे हैं. नई दिल्ली के अधिकारियों ने इस खुफिया जानकारी को गंभीर चेतावनी बताया और कहा कि भारतीय सेना और एजेंसियां उत्तरी कमान के सभी सेक्टरों में हाई अलर्ट पर हैं. भारत ने स्पष्ट किया है कि अगर पाकिस्तान की ओर से आतंक का निर्यात जारी रहा तो ऑपरेशन सिंदूर का नया चरण शुरू किया जाएगा.

ये भी पढ़ें- Republic Day 2026: शेरशाह से लेकर राजी तक, 26 जनवरी को OTT पर देखें ये दमदार और देश भक्ति से जुड़ी 5 फिल्में

INDIA
Advertisment