"भीख मांगने से नहीं...हिंदुओं के गर्दन काटनी होगी", लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने उगला जहर

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने भारत और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने वाला भाषण दिया. एलओसी के पास हुए इस संबोधन ने पाकिस्तान सरकार, सेना और आतंकियों के गठजोड़ को एक बार फिर उजा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने भारत और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने वाला भाषण दिया. एलओसी के पास हुए इस संबोधन ने पाकिस्तान सरकार, सेना और आतंकियों के गठजोड़ को एक बार फिर उजा

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Ravi Prashant
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कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी Photograph: (X)

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद का गढ़ बनकर सामने आया है. एलओसी के पास टाटरीनोट इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने जेहादियों की सभा को संबोधित करते हुए भारत और हिंदुओं के खिलाफ खुली हिंसा की धमकी दी. इस भाषण में उसने कहा कि कश्मीर भीख मांगने से नहीं बल्कि हिंदुओं की गर्दनें काटने से मिलेगा, ये बयान सीधे तौर पर नरसंहार के लिए उकसाने वाला है.

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एलओसी के पास भड़काऊ संबोधन

यह भड़काऊ भाषण पूछ जिले के हजीरा तहसील क्षेत्र में दिया गया. यह इलाका एलओसी के बेहद करीब है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि आतंकियों को सीमा पार से समर्थन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है. लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन लंबे समय से पीओके में खुलेआम गतिविधियां चला रहे हैं, जिन पर पाकिस्तान की सरकार और सेना की चुप्पी लगातार सवाल खड़े करती रही है.

पीएम शहबाज शरीफ को सीधा संदेश

अपने भाषण के दौरान अबु मूसा कश्मीरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी संदेश दिया. उसने कहा कि कश्मीर का मुद्दा केवल जेहाद और आतंकवाद से ही हल हो सकता है. एक आतंकी कमांडर का खुले मंच से प्रधानमंत्री को संदेश देना इस बात का सबूत माना जा रहा है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच गहरे संबंध हैं.

सेना और आतंकियों की एक जैसी भाषा

भारतीय खुफिया एजेंसियों के हालिया आकलन में सामने आया है कि पाकिस्तान में सक्रिय लगभग हर आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की भाषा और विचारधारा को दोहरा रहा है. कई मौकों पर असीम मुनीर पाकिस्तान के गठन को मजहबी आधार से जोड़ते हुए हिंदुओं के खिलाफ बयान दे चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यही विचारधारा आतंकियों को खुला संरक्षण देती है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाहट

बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय आतंकी संगठनों को बड़ा झटका लगा है. भारत की सटीक और प्रभावी कार्रवाई से ये संगठन अभी तक उबर नहीं पाए हैं. इसी बौखलाहट में आतंकी कमांडर लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं और हिंसा के लिए उकसाने वाले बयान दे रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान बेनकाब

भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान सरकार और आतंकियों के गठजोड़ को उजागर करता रहा है. कई मंचों से पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने भी स्वीकार किया है कि भारत की कार्रवाई से उन्हें भारी नुकसान हुआ है. ताजा घटनाक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवाद को राज्य प्रायोजित समर्थन मिल रहा है, जो पूरे क्षेत्र की शांति के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है.

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