असम के लिए गेम-चेंजर साबित होगी ‘काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर’, PM Modi ने रखी 6950 करोड़ की परियोजना की आधारशिला

आज (18 जनवरी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में 6,950 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा, सड़क कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बड़ा लाभ मिलेगा.

आज (18 जनवरी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में 6,950 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा, सड़क कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बड़ा लाभ मिलेगा.

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Deepak Kumar
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असम का काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट इन दिनों चर्चा में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय असम दौरे के दौरान रविवार (18 जनवरी) को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी. इस परियोजना की कुल लागत 6,950 करोड़ रुपये है. इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग NH-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन को चार लेन का बनाया जाएगा. बता दें कि इस परियोजना को 1 अक्टूबर 2025 को कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) से मंजूरी मिली थी. तो आइए जानते हैं इस योजना की विशेषताएं व फायदे और क्यों है असम को इसकी जरूरत.

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परियोजना की मुख्य विशेषताएं

जानकारी के मुताबिक, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर कुल 86 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरने वाला 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है. इसके अलावा 21 किलोमीटर का बाईपास और मौजूदा NH-715 के 30 किलोमीटर हिस्से को दो लेन से चार लेन तक चौड़ा किया जाएगा. यह एक पर्यावरण के प्रति संवेदनशील राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है.

क्यों जरूरी है यह कॉरिडोर?

आपको बता दें कि यह कॉरिडोर नागांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों से होकर गुजरेगा. इससे ऊपरी असम, खासकर डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. जाखलाबन्धा और बोकाखाट में बाईपास बनने से शहरों में ट्रैफिक कम होगा और लोगों की आवाजाही आसान होगी.

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मौजूदा समस्याएं और समाधान

फिलहाल NH-715 का यह हिस्सा दो लेन का है और घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरता है. मानसून के समय काजीरंगा नेशनल पार्क में पानी भरने पर जंगली जानवर ऊंचे इलाकों की ओर जाते हैं और हाईवे पार करते हैं. इससे ट्रैफिक जाम, सड़क हादसे और वन्यजीवों की मौत की घटनाएं होती हैं. एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से जानवर बिना रुकावट सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सकेंगे.

असम को क्या होंगे फायदे?

इस परियोजना के पूरा होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और उद्योग के नए अवसर खुलेंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा. सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, यात्रा का समय कम होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी. कुल मिलाकर काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर असम के लिए विकास, पर्यावरण संरक्षण और कनेक्टिविटी का मजबूत आधार बनेगा.

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